तो क्या ये माना जाए कि भाजपा के पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री संजय कुमार के ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को उत्तराखंड सरकार दबाने में जुटी हुई है। इस पूरे मामले में डेढ़ हफ्ता बीत जाने के बाद भी पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ पाई है। पुलिस को इंतजार है कि आरोप लगाने वाली महिला उसके सामने आए और अपना बयान दर्ज कराए। पुलिस उसके पास जाने की जहमत नहीं उठाना चाहती। पुलिस की माने तो महिला को नोटिस भेजी गई लेकिन जवाब नहीं आया है। पुलिसिया जांच की सुस्ती मामले को रफा – दफा करने के लिए किसी बड़े दबाव की आशंका पैदा करती है।

गौरतलब है कि बीजेपी नेता संजय कुमार पर एक महिला ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। आरोप लगाने के साथ ही पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई। शिकायत करने वाली महिला ने अपनी जान का खतरा भी बताया। इसके बाद बीजेपी ने संजय कुमार को प्रदेश संगठन मंत्री के पद से हटा कर उत्तराखंड से बाहर भेज दिया।

वहीं पुलिस ने महिला को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा लेकिन महिला जिस किराए के घर में रहती थी उस घर में उसे फिलहाल ताला लगाना पड़ गया है। दरअसल इस प्रकरण के सामने आने के बाद मकान मालिक ने तुरंत घर खाली करने के लिए कह दिया। तुरंत घर खाली कर पाना मुश्किल था लिहाजा महिला ने ताला बंद किया और अज्ञात स्थान पर चली गई।

खबरों के मुताबिक महिला ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की और एक पत्र पुलिस के पास भेजा लेकिन पुलिसवालों ने उस पत्र को रिसीव ही नहीं किया। डरी हुई महिला पुलिस के पास आकर अपना बयान दर्ज नहीं करा पा रही है और न ही पुलिस उसतक पहुंचने की जहमत उठा रही है। इससे इस बात की आशंका उत्पन्न हो रही है कि कहीं इस मामले को दबाने की कोशिश तो नहीं हो रही है?
वहीं बीजेपी की अपनी जांच रिपोर्ट का भी कुछ पता नहीं चल पाया है। संजय कुमार का प्रकरण आने के बाद बीजेपी ने जांच कराने की बात कही थी लेकिन जल्द ही चुप्पी साध ली।





See More

 
Top