कोटद्वार : जहां एक और 2 दिसंबर को  नगर निगम और नगर निकाय चुनाव में  विजय हुए प्रत्याशि  ताजपोशी की तैयारियों में लगे हुए हैं। वहीं कोटद्वार में 20 नवंबर को हुए मतगणना के दौरान चुनाव अधिकारियों द्वारा लगभग 3200 सौ मत पत्रों को निरस्त कर दिया। इन मत पत्रों की दोबारा जांच को लेकर निर्दलीय मेयर उम्मीदवार विभाग चौहान ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। और हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए 30 नवम्बर का समय दिया है.

कांग्रेस प्रत्याशी ने निर्दलीय प्रत्याशी को 1569 वोटों से दी शिकस्त

बता दें कोटद्वार नगर निगम चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी हेमलता नेगी ने निर्दलीय उम्मीदवार विभा चौहान को 1568 मतों से हराया। मतगणना में मत पत्रों की जांच के दौरान जांच अधिकारियों द्वारा लगभग 3200 मतपत्रों को निरस्त कर दिया गया। निरस्त हुए मत पत्रों में अधिकांश मत पत्रों में पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे। जिसको लेकर मतगणना के दौरान कुछ हंगामा भी हुआ। और चुनाव अधिकारी से शिकायत भी की गई मगर उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। इन मत पत्रों की जांच की मांग को लेकर निर्दलीय उम्मीदवार विभा चौहान ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

कोर्ट ने दिया 30 नवंबर का समय

वहीं विभा चौहान ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि जनता ने घंटों लाईनों में खड़े होकर अपना मत दिया। चुनाव अधिकारी से शिकायत के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई जो कि लोकतंत्र के साथ मजाक है. इन मत पत्रों की पुनः जांच हो इसलिए हमने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है कोर्ट ने हमें 30 नवंबर का समय दिया है।





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