• पहले कार्रवाई और अब अधिकारियों का सम्मान
देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
देहरादून : उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सरकार कभी मार तो कभी पुचकार कर अधिकारियों के कामों का आंकलन कर रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत का कहना है कि जो अधिकारी सरकार के साथ कदमताल करते हुए ईमानदारी और सुचिता से काम कर रहे हैं उनके कार्यों के पार्टी सम्मान जताना सरकार का दायित्व है ताकि उनका उत्साह वर्धन हो और वे और लगन से राज्य की जनता की सेवा करें। 
उल्लेखनीय है कि सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कभी जांच के दायरे को इतना बढ़ा देती है कि अधिकारियों के लिए परेशानी होने लगती है तो कभी अच्छे कामों पर सरकार अधिकारियों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ा रही है। फिलहाल अधिकारियों को सम्मानित करने का कार्यक्रम सरकार ने तय किया है। इसके तहत 9 नवम्बर यानी राज्य स्थापना दिवस के दिन अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा ।
दरअसल त्रिवेंद्र सरकार में ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार की गई है जिन्होंने मौजूदा सरकार में बेहतर काम किया है। खास बात ये है कि जिले स्तर के भी अधिकारियों को सूची में जगह दिए जाने की बात कही जा रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुताबिक बाकायदा एक कमेटी गठित की गई है जो उन अधिकारियों के कामों को देख रही है और उसी आधार पर आने वाली 9 नवंबर को अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा ।
गौरतलब हो कि उत्तराखंड में भाजपा सरकार आने के बाद एनएच74 समेत कई दूसरे भ्रष्टाचार की जानकारी पर जांच बैठाई गयी जिसमे कुछ अधिकारियों को जेल की हवा भी कहानी पड़ी है। यही नही कुछ मामलों में बड़े अधिकारियों को जांच के दायरे में लाकर सरकार ने अधिकारियों को सख्त संदेश भी दिया है। इस सब के बीच राज्य सरकार ने अच्छे काम करने वाले अधिकारियों को सम्मानित करने का मन बनाया है जिससे राज्य में काम को लेकर माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है । 





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