देहरादून में एक ऐसा मामला सामने आया है जो की आपने सिर्फ फिल्मों में देखा होगा या सिर्फ सुना होगा….सामने असल जिंदगी में बहुत कम ही ऐसा सुनने को और देखने को मिला होगा. जी हां ये एक दिल को छू लेने वाक्या है और एक दम फिल्मी है…और सच भी है..

मामला देहरादून के बालावाला का है. जिसमें बेटे की मौत के बाद एक सास-ससुर ने अपनी विधवा बहू का पिता बनकर शादी भी की और कन्‍यादान भी किया. जो की चर्चा का विषय बना हुआ है और यू खबर सोशल मीडिया पर खूब वायरल और शेयर हो रही है.

दरअसल देहरादून के बालावाला में (2014 में) विजय चंद के बड़े बेटे संदीप की शादी कविता नाम की लड़की से हुई। खुशियों भरा परिवार था…..अचानक वर्ष 2015 में संदीप की हरिद्वार में सड़क हादसे में मौत हो गई..परिवार में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा नई नवेली दुल्हन का एक साल में ही सुहाग छिन गया. लेकिन इसके बाद भी संदीप के परिजनों ने और पत्नी कविता ने हिम्मत नहीं हारी.

सास-ससुर ने किया काबिले तारीफ काम

फिर इसके बाद जो हुआ वो काबिले तारीफ है. बेटे की मौते के बाद विजय चंद और कमला ने बहू कविता की सहमति से उसके लिए लड़का ढूंढना शुरु किया औऱ आखिरकार ये तलाश ऋषिकेश में खत्म हुई. कविता के सास-ससुर ने ऋषिकेश के तेजपाल सिंह को कवित के लिए पसंद किया. दोनों परिवार की सहमति से तेजपाल और कविता की शादी हो गई। विजय चंद और कमला ने कविता को अपनी बेटी की तरह बहूं की शादी की औऱ कन्यादान भी किया.

सास-ससुर ने मुझे बहुत प्‍यार और सम्‍मान दिया-कविता

वहीं कविता का कहना है कि मैं कभी भी अपने सास-ससुर को अकेला नहीं छोड़ना चाहती थी। कविता का कहना है कि उन्‍होंने मुझे बहुत प्‍यार और सम्‍मान दिया। मैंने जब जिसकी मांग की, मेरी हर बात को मेरे ससुराल पक्ष ने पूरा किया। मुझे अपनी बेटी की तरह ही प्‍यार दिया। इस घटना के बाद मैं अपने माता-पिता के पास चली जाती तो शायद मेरे सास ससुर टूट जाते।

हमें कविता को वापस उसके मायके भेजने को कहा- वियज

वहीं विजय चंद का कहना है कि जब उनके बेटे संदीप का निधन हुआ तो हर किसी ने हमें कविता को वापस उसके मायके भेजने को कहा। क्‍योंकि लोगों के हिसाब से वह परिवार के लिए दुर्भाग्‍यपूर्ण रही, लेकिन हम हमेशा उसके साथ खड़े रहे। मैंने उसकी शादी करने अपनी बेटी के रूप में उसका कन्‍यादान किया। वह हमारे परिवार से कभी ना अलग होने वाला हिस्‍सा है। विजय बताते हैं कि मेरी इच्‍छा है और मैं आशा करता हूं कि हमारा समाज इस घटना से कुछ सीख ले। हमारी बहू, हमारी बेटी की तरह है। वह दुनिया में सभी सम्‍मान और आशीर्वाद की हकदार हैं।





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