हमेशा विवादित बयानों से सुर्खियों में रहने वाले भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा एक बार फिर मुश्किल में घिरते नज़र आ रहे है. उनके खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल के दौरान एक रैली में अपने समर्थकों को कथित तौर पर रूपये वितरित करने के आरोप है. जिस कारण उनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन की प्राथमिकी दर्ज की गई है.

सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी ज्ञानदेव आहूजा के खिलाफ नामांकन के समय आयोजित रैली के दौरान कथित तौर पर रुपये वितरित करने के संबंध में एक वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई की गई. सांगानेर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी जगत राजेश्वर ने बताया कि प्राथमिकी बनीपार्क थाना में जनप्रतिनिधि अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत सोमवार को दर्ज की गई.

दर्ज प्राथमिकी के अनुसार आहूजा के वर्तमान में विधायक होने के कारण नियमानुसार इस प्रकरण की जांच सीआईडी (सीबी) द्वारा की जायेगी. इसलिए प्राथमिकी सीआईडी (सीबी) के पुलिस अधीक्षक को भिजवाई जाएगी.अलवर के रामगढ़ से तीन बार विधायक रह चुके ज्ञानदेव आहूजा को इस बार भाजपा की ओर से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने जयपुर की सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है.

भाजपा विधायक ने 2013 के विधानसभा चुनाव में रामगढ़ से जीत दर्ज की थी, लेकिन पार्टी ने इस बार उन्हें रामगढ़ से टिकट नहीं दिया.

बता दें कि आहूजा 2016 में अपने उस बयान से सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने कहा था कि जेएनयू परिसर में प्रतिदिन हजारों कंडोम और और सैंकड़ों इस्तेमाल किए हुए अबॉर्शन इंजेक्शन मिलते हैं. यह नहीं ज्ञानदेव ने जवाहर लाल नेहरू को लेकर भी विवादित बयान दिया था.





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