पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भले ही करतारपुर कॉरिडोर के कार्यक्रम में शांति, दोस्ती और तरक्की की बात की थी पर 24 घंटे के भीतर ही उनके मंत्री ने साफ कर दिया कि पाकिस्तान की असल मंशा क्या है. इमरान सरकार के 100 दिन पूरे होने के मौके पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि करतारपुर इवेंट दरअसल, इमरान खान की गुगली थी.खास बात यह है कि जब कुरैशी यह बोल रहे थे तो इमरान कार्यक्रम में सबसे आगे बैठे उन्हें सुन रहे थे.

गुरुवार को कुरैशी ने अफगानिस्तान के बाद भारत को दूसरा महत्वपूर्ण पड़ोसी बताया.उन्होंने कहा कि इमरान खान ने पाक पीएम बनते ही भारत के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाया, खत लिखा कि आइए मिल बैठकर बात करें और वे (भारत के प्रतिनिधि) न्यू यॉर्क में मिलने पर राजी होते हैं लेकिन लगता है कि वहां की (भारत) सियासत आड़े आ गई.

मुस्कुराते हुए पाक विदेश मंत्री ने कहा, ‘आपने देखा और दुनिया ने देखा कि कल इमरान खान ने करतारपुर की गुगली फेंक दी और उस गुगली का नतीजा क्या हुआ कि जो हिंदुस्तान मिलने से कतरा रहा था उसे दो मंत्रियों को भेजना पड़ा.वे पाकिस्तान आए।’ बृहस्पतिवार को इमरान सरकार ने आम चुनाव में जीत के बाद अपने शुरुआती 100 दिन पूरे कर लिए.इसी मौके पर कुरैशी ने क्रिकेट की शब्दावली का इस्तेमाल करते हुए कहा, ‘इमरान ने एक गुगली डाली और भारत ने दो मंत्रियों को पाकिस्तान भेज दिया.’

कुरैशी की यह टिप्पणी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के एक दिन पहले दिए उस बयान पर आई है जिसमें उन्होंने पाक के साथ वार्ता फिर से शुरू करने की संभावना को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि पाकिस्तान जब तक भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को नहीं रोकता तब तक बातचीत संभव नहीं है.

आपको बता दें कि पाकिस्तान ने इससे पहले बुधवार को करतारपुर कार्यक्रम के लिए स्वराज को भी आमंत्रित किया था लेकिन स्वराज ने पूर्व प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए करतारपुर साहिब आने में असमर्थता जताई थी.इस कार्यक्रम में दो केंद्रीय मंत्रियों – हरसिमरत कौर बादल और हरदीप सिंह पुरी ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था.कुरैशी ने कहा कि करतारपुर सीमा का खुलना क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान की सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है।





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