देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून : भारतीय जनता पार्टी ने एक महिला के यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार मामले में उत्तराखंड के संगठन महामंत्री संजय कुमार को तो हटा दिया है लेकिन महिला के मोबाइल जिसमें महिला ने संजय के काले चिट्ठे सेव कर रखे थे ,को छीनने वालों और उस मोबाइल को कथित रूप से संजय कुमार तक पहुंचाने वालों पर अब भाजपा अथवा पुलिस क्या कार्रवाही करेगी यह अभी साफ़ नहीं हुआ है। 

मामले में एक चर्चित महिला नेत्री जहाँ अपने आका पर हुई  कार्रवाही को देखते हुए डर के मारे अस्पताल में भर्ती हो गयी है वहीं मामले महिला द्वारा धारा चौकी में दी गयी तहरीर में शामिल नामों वाले लोग भी भूमिगत ही गए बताये गए हैं।  वहीं अब ऐसी महिला पदाधिकारियों के नाम भी सामने आ रहे हैं जो संग़ठन महामन्त्री की गुफा तक महिलाओं को पहुंचाया करती थी।  

सूत्रों का कहना है कि पीड़ित महिला का मोबाइल छीनने का सारा ताना – बाना उक्त महिला और हटाए गए संगठन मंत्री संजय कुमार ने साथ बैठकर बनाया था और पीड़िता को योजना के तहत किसी थापा के यहाँ नाश्ते पर बुलाया था और वहीँ अचानक उसका मोबाइल छीन लिया गया, जिसे योजना में लिप्त थापा ने स्कूटर से ले जाकर किसी नेता के यहाँ पहुंचा दिया था। इस दौरान उसके घर पर हुई छीना -झपटी में पीड़ित महिला के हाथ की दो अंगुलियां बुरी तरह जख्मी तक हो गयी थी।   

महिला का कहना है  कि उसे पता था कुछ लोग उसके पीछे लगे हुए हैं और वे उसको शारीरिक नुकसान पहुंचाने के साथ ही उसका मोबाइल भी छीन सकते हैं लिहाजा उसने मोबाइल के डाटा का पहले ही बैकअप ले लिया था। महिला का कहना है इसके बाद इन लोगों द्वारा मुझे 30 हज़ार का मोबाइल देने की पेशकश की थी जिसे मैंने ठुकरा दिया था। जिसे उसके द्वारा एक समाचार पत्र के साथ साझा किया गया है। 

अब सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि पीड़ित महिला के साथ छीना -झपटी और उसके उसके मोबाइल को आरोपी तक पहुंचाने वालों के खिलाफ अब भाजपा क्या कार्रवाही करेगी यह देखना होगा कि चाल ,चरित्र और चेहरे की बात कने वाली भाजपा क्या अब उन महिला नेत्रियों पर भी कार्रवाही करेगी जो महिलाओं  को संजय कुमार की गुफा तक ले जाती थी। 





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