• ऐसे करीब चार दर्जन लोगों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता रद्द 
  • पार्टी से किया छह साल के लिए निष्कासित 
देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
देहरादून : कांग्रेस ने अपनी दूसरी लिस्ट में 18 बागी प्रत्याशियों को 6 साल के लिए निष्काषित कर दिया है । इससे पूर्व भी उत्तराखंड कांग्रेस ने 38 बागी प्रत्याशियों को निकाय चुनाव के चलते पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से 6 साल के लिए निष्काषित किया हुआ है ।
ज्यादा जानकारी देते हुए उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने बताया कि पार्टी विरोधी गतिविधियों और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ खड़े हुए बागी प्रत्याशियों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते ये अहम् कदम उठाया गया है । धस्माना ने बताया कि बार-बार समझाने बुझाने के बाद भी ये नेता लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त थे और लगातार पार्टी के विरोध में काम कर रहे थे । बता दें की निष्काषित किये गए लोगों में देहरादून , हरिद्वार और भाजपा के बागी नेता इनमें शामिल है ।

प्रदेश काग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने बताया कि जिन लोगों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासित किया गया है, उनमें नगर निगम देहरादून से सुनील जायसवाल, मोहन सिंह नेगी व दिनेश भंडारी, नगर पालिका परिषद डोईवाला से शिल्पी नेगी व विक्रम सिंह नेगी, नगर पालिका परिषद जोशीमठ से रमेश सती, सुभाष डिमरी, नरेशानंद नौटियाल, सरिता नौटियाल, अजीत पाल रावत, सुखदेव सिंह बिष्ट, हरीश सती, अनिल नंबूरी, समीर डिमरी, मोहन सिंह राणा, अनीता नेगी शामिल हैं।

नगर पालिका परिषद पौड़ी से नीलम रावत, उपेंद्र भट्ट, नगर पालिका परिषद, पिथौरागढ़ से अजय महर, नगर पंचायत, बेरीनाग से हेम पंत, नगर पालिका परिषद अल्मोड़ा के तहत त्रिलोचन जोशी, अख्तर हुसैन, केवल सती, मनोज सनवाल, दानिश खान, पंकज वर्मा, कमल पंत, अमरनाथ सिंह रावत को निष्कासित किया गया।

नगर पालिका परिषद बागेश्वर से दिलीप खेतवाल, रणजीत सिंह बोरा, दीपक खेतवाल, किशन नगरकोटी, इंद्र सिंह परिहार, भवानी राम आगरी, सुरेश खेतवाल, रेखा खेतवाल, नगर पंचायत भीमताल से सौरभ रौतेला, विक्रम जीना को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।

धस्माना ने यह भी बताया कि कई अन्य लोगों से भी स्पष्टीकरण मागा गया है। उन्होंने कहा कि काग्रेस एक अनुशासित संगठन है। यदि इसमें अनुशासनहीनता होती है तो उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





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