बिहार के सीएम नीतीश कुमार के ‘नीच’ के बयान पर बिहार में मचे सियासी हलचल को आखिर विराम लग ही गया, क्योंकि इस मामले में सीएम ने चुप्पी तोड़ते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. उन्होंने सफाई देते हुए स्पष्ट किया कि मैंने क्या कहा और क्या अर्थ निकाला गया. उन्होंने अपने सफाई देते हुए आगे कहा यह मामला टीवी वालों द्वारा ज्यादा-प्रचारित किया.

सीएम ने कहा कि मैंने किसी पर कोई टिप्पणी नहीं की. उन्होंने कहा कि एक निजी चैनल की तरफ से उन्हें विकास पर चर्चा के लिए बुलाया गया था और साथ ही कार्यक्रम में किसी भी राजनीतिक चर्चा को शामिल नहीं किए जाने की बात कही गई थी. लेकिन, कार्यक्रम के दौरान सियासी सवाल पूछना शुरू कर दिया गया.

मुख्यमंत्री से एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा था ”इतना नीचे बात को नहीं ले जाइए.” समझा जाता है कि कुशवाहा ने इस बयान में शामिल शब्द – ‘नीचे’ को खुद के लिए अपमान के तौर पर देखा. उन्होंने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी उन्हें ‘नीच’ व्यक्ति कहने के समान थी. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने किसी राजनेता पर कोई टिप्पणी नहीं की थी. चैनल की साख पर सवाल उठाते हुए उन्होंने उक्त बातें कही थीं.

गौरतलब है कि उपेंद्र कुशवाहा को ये शब्द इतना नागवार गुजरा है कि नीच शब्द को लेकर बिहार से लेकर केंद्र तक इस एक शब्द को लेकर सियासत तेज हो गयी। कुशवाहा ने इस शब्द को राजनीतिक रंग देकर सीएम नीतीश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, और लगातार उनसे माफी मांगने और सफाई देने की मांग करने लगे. इससे पहले, 10 नवंब को कुशवाहा समाज के लोग नीतीश कुमार द्वारा उपेंद्र कुशवाहा को नीच कहे जाने से नाराज हो गए थे। इसके बाद उन्होंने पटना के गांधी मैदान से राजभवन तक मार्च निकाला.





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