साल 2016 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नोटबंदी लागू की थी। जिसे इतिहास में खास दिन के तौर पर दर्ज किया गया है। पीएम मोदी ने 8 नवंबर 2016 को रात 8 बजे नोटबंदी का ऐलान किया था। इसके तहत 1000 रुपए और 500 रुपए के नोट को बंद कर दिया गया था। पीएम मोदी के ऐलान के बाद पूरे देश में अफरा-तफरी मच गई थी।

9 नवंबर की आधी रात से ही हर एटीएम में लोगों की कतारें लगने लगी

9 नवंबर की आधी रात से ही देश के हर एटीएम में लोगों की कतारें लगने लगी। नोट बदलने के लिए लोगों को लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ा जिससे आम नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। कुछ दिन बाद ही सरकार ने 500 और 2000 के नए नोट जारी किए।

मोदी सरकार के फैसले को केन्द्रीय रिजर्व बैंक ने ऐलान से महज 4 घंटे पहले दी मंजूरी 

मोदी सरकार के इस फैसले को केन्द्रीय रिजर्व बैंक ने ऐलान से महज 4 घंटे पहले मंजूरी दी थी. हालांकि, इस मंजूरी के साथ केन्द्रीय बैंक ने सरकार के दोनों बड़े दावों की लिखित बयान में हवा भी निकाल दी थी.

केन्द्रीय बैंक ने दी थी चेतावनी

केन्द्रीय रिजर्व बैंक की 561वीं बैठक आनन-फानन में 8 नवंबर 2016 को शाम 5.30 पर बुलाई गई. इस बैठक में केन्द्रीय बैंक के डायरेक्टर्स ने नोटबंदी के फैसले को सरकार का एक साहसी कदम बताया. लेकिन केन्द्रीय बैंक ने चेतावनी भी दे दी कि नोटबंदी से उक्त वित्त वर्ष की जीडीपी पर नकारात्मक असर पड़ेगा.

रिजर्व बैंक बोर्ड की इस बैठक के मिनट्स पर रिजर्व बैंक गवर्नर उर्जित पटेल ने 5 हफ्ते बाद 15 दिसंबर, 2016 को साइन किया. आरबीआई बोर्ड की मुलाकात के इन मिनट्स में बैंक ने 6 अहम आपत्तियों को शामिल किया. गौरतलब है कि मिनट के मुताबिक 7 नवंबर 2016 को वित्त मंत्रालय से नोटबंदी का प्रस्ताव पाने के बाद आऱबीआई डायरेक्टर की पहली आपत्ति सरकार की उस दलील पर थी जिसमें दावा किया गया कि नोटबंदी लागू करने से देश में कालेधन पर लगाम लगने के साथ नकली करेंसी को भी संचार से रोकने में मदद मिलेगी.

आरबीआई बोर्ड ने अपनी बैठक के मिनट्स में सरकार की उन सभी दलीलों को शामिल किया जो उसने नोटबंदी का फैसला लेने के लिए दी थी. सरकार की दलील पर बोर्ड बैठक ने अपना पक्ष रखा कि देश में अधिकांश कालाधन कैश की जगह रियल एस्टेट और सोने के तौर पर पड़ा है. लिहाजा, नोटबंदी से कालेधन के बड़े हिस्से पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

वहीं नकली करेंसी के दावे पर केन्द्रीय बैंक बोर्ड ने कहा कि देश में कुल नकली करेंसी का अनुमान महज 400 करोड़ रुपये का है. ऐसे में नोटबंदी जैसे फैसले से इसे पकड़ने का फायदा भी नगण्य होगा.





0 comments:

Post a Comment

See More

 
Top