पुदीने की तासीर ठंडी होती है. यह पेट और त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होता है. पुदीने का इस्तेमाल चटपटी चटनी, चाय, सूप, लेप के रूप में किया जा सकता है. इसका इस्तेमाल किसी प्रकार के पेय में मिलाकर कर सकते है. इसके लेप से आपके चेहरे पर निखार आता है और त्वचा नरम व मुलायम बनी रहती है.

इसके फायदे ही फायदे है और नुकसान कोई नहीं. पेय में मिलाने से एक तो इसका स्वाद चटपटा हो जाता है, दूसरे पेट को भी ठंडा कर देता है. साथ ही यह पाचन क्रिया को नियमित करने में भी सहायक होता है. पुदीने में अनेक ओषधीय गुण है. पुदीना विटामिन ए, सी, अस्कोर्विक एसिड, आयरन जैसे कई महत्वपूर्ण तत्वों से भरपूर है.

सर्दी जुकाम में फायदेमंद-: बरसात में ठंडी और गर्मी के माहौल में तुरंत-तुरंत बदलाव होने से व्यक्ति को सर्दी-जुकाम होने का खतरा बढ़ जाता है. गले में खराश होना एक साधारण बात बन जाती है. पुदीने में एंटी-फ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल तत्व मौजूद होते है. पुदीना हमारी श्वास नलिकाओं को काफी ठंडक पहुंचाता है. इससे गले की खराश भी दूर हो जाती है. सर्दीखांसी में पुदीने वाली चाय का इस्तेमाल कर सकते है.

लू से बचाव-: गर्मियों में लू लगना एक आम बात है. गर्मी कितनी भी हो, काम के लिए धूप में निकलना हमारी मजबूरी है. ऐसे में अगर आप पुदीने की पत्तियों को पीसकर पानी में मिलाकर उसे पीकर बाहर जाएं तो लू लगने की आशंका काफी कम हो जाती है. अगर लू लग जाए तो भी पुदीना काफी फायदेमंद साबित होता है. पुदीने की पत्तियों में थोड़ा पानी मिलाकर पीस लें. फिर उसे किसी पतले कपड़े से छान लें. पुदीने के रस में थोड़ा भुना हुआ जीरा और नमक मिला लें. इसके सेवन से लू से काफी राहत मिलती है.

पेट के रोगों के लिए रामबाण-: पुदीना पेट दर्द,गैस और एसिडिटी के लिए रामबाण है. बदहजमी, पेट में जलन, अपच, गैस बनने जैसी बात गर्मियों में खूब होती है. गर्मियों में व्यक्ति की पाचन क्षमता कम हो जाती है. पुदीने की चाय पीने से पेट की सारी समस्याएं दूर हो जाती हैं. पुदीने की चाय बनाने के लिए पुदीने की 8 से 10 पत्तियां ले और इन्हें अच्छी तरह धो लें. एक कप से थोड़े अधिक.पानी में पत्तियों को डालकर उबालें, जब पानी कम जाए तो इसमें एक चम्मच शहद मिला लें. चाहें तो नींबू की कुछ बूदें भी निचोड़ सकते हैं. इससे आपको एसिडिटी, पेट दर्द और और गैस की समस्या से तुरंत राहत मिल जाएगी.

रक्तचाप नियंत्रण में कारगर-: तेजी से बदलती जीवन पद्धति के इस दौर में व्यक्ति का रक्तचाप उच्च होना या निम्न होना बहुत ही सामान्य बात बन गई है. औषधीय गुण होने के कारण पुदीने के सेवन से व्यक्ति का रक्तचाप नियंत्रित रहता है. यह उच्च रक्तचाप और पानी निम्न रक्तचाप दोनों प्रकार के मरीजों के लिए फायदेमंद है. किसी भी रूप में पुदीने का रस उच्च रक्तचाप में कारगर है, जबकि रस में काली मिर्च, नमक और थोड़ी चीनी डाल मिलाकर सेवन करने से निम्न रक्तचाप सामान्य हो जाता है.

त्वचा की देखभाल -: अच्छी त्वचा न कैवल हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखने में सहायक होती है, बल्कि हमारी सुंदरता का सबसे अहम हिस्सा होती है. गर्मियों में त्वचा का रूखा होना, फोड़े-फूंंसी होना, त्वचा में नमी की कमी होना स्वाभाविक है. त्वचा की हर प्रकार की बीमारियों के लिए पुदीना फायदेमंद है. पुदीने का लेप बनाकर चेहरे पर लगाने से न केवल फोड़े-फूंंसी और मुंहासे ठीक हो जाते हैं, बल्कि चेहरे पर एक निखार आ जाता है. लेप का सेवन करने से पहले चेहरे को अच्छी तरह धो लेना चाहिए और लेप लगाकर आधे घंटे तक छोड़ देना चाहिए उसके बाद साफ पानी से चेहरे को धोना चाहिए. यह कीड़े-मकौड़े के काटने के इलाज में काफी फायदेमंद है. यह त्वचा को तरोताजा करता है और नमी को बनाए रखता है.

वजन घटाने में सहायक-: वजन घटाने में भी पुदीना काफी मददगार होता है. मोटापा आधुनिक समय की एक आम बीमारी बन गई है. वजन घटाने में सही भोजन की अहम भूमिका होती है. सही भोजन और व्यायाम के साथ-साथ यदि पुदीने और धनिया की पत्तियों से बने रस का इस्तेमाल किया जाए तो वजन कम करने में अधिक आसानी होती है. फाइबर से भरपूर यह जूस आपको अधिक भूख नहीं लगने देता. जूस बनाने के लिए पुदीने और धनिये की पत्तियों को अच्छी तरह धो लें. इन दोनों को ब्लैंडर में डालकर थोड़ा काला नमक, काली मिर्च और एक गिलास पानी मिला दें और ब्लैंड कर दें. इसमें आधे नींबू का रस मिला दें. इसका नियमित सेवन वजन कम करने में काफी सहयोगी है.

हिचकी दूर भगाए-:  हिचकी आना कोई बीमारी तो नहीं है, लेकिन यह थोड़ी देर के लिए आपको  परेशान कर सकती है. इसे रोकने के लिए ज्यादातर लोग और पानी पीते हैं. पानी पीने से अगर हिचकी आपका पीछा न है. छोड़े तो पुदीने का उपयोग करके देखिए. इसके लिए पुदीने की पत्तियों में नींबू का रस मिला लें. पत्तियों पर शक्कर डालकर चबाएं, आपकी हिचकी बंद हो जाएगी.





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