बीजेपी संगठन में #me too का मसला सामने आने और उसमें एक बीजेपी नेता विनय गोयल के जरिए महिलाओं पर ही आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद अब शिक्षा विभाग का जिम्मा संभाल रहे कैबिनेट मंत्री ने भी महिलाओं की शिकायत पर सवाल खड़ा कर दिया है। अरविंद पांडेय अपने शिक्षा विभाग में एक अधिकारी पर #me too के तहत फंसता देख शिकायत कर्ता महिला की ही जांच कराने में लग गए हैं। अरविंद पांडेय को लगता है कि महिलाओं को ऐसे आरोप खुलेआम सामने आकर लगाने चाहिए।

दरअसल शिक्षा विभाग में एक गुमनाम पत्र पहुंचा है। इस पत्र में विभाग के ही एक अधिकारी पर #me too के तहत ही यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के मीडिया में सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री ने शिकायतकर्ता की ही जांच का ऐलान कर दिया। अरविंद पांडेय ने डीजीपी अनिल रतूड़ी से कहा है कि शिकायतकर्ता महिला की जांच की जाए। हालांकि अरविंद पांडेय ने जिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत मिली है उसकी भी जांच के लिए कहा है लेकिन फिलहार किसी अन्य कार्रवाई से इंकार कर दिया है।

अरविंद पांडेय ने कहा है कि शिकायत करने वाले को यूं गुमनाम पत्र लिखकर नहीं शिकायत करनी चाहिए बल्कि सामने आकर अपनी बात कहनी चाहिए। अरविंद पांडेय को लगता है कि कोई महिला ऐसे आरोप किसी अधिकारी की छवि खराब करने के लिए भी लगा सकती है।





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