भारत दिन-प्रतिदिन आर्थिक वृद्धि कर रहा है. जिस कारण भारत अगले दो दशकों तक आर्थिक वृद्धि के मामले में दुनिया पर भारी पड़ने वाला है.ग्लोबल इकोनॉमिक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में तेजी से विकसित करने वाले 20 शहरों में से 17 शहर भारत में है. ऑक्सफोर्ड के वैश्विक शहरों के शोध के प्रमुख रिचर्ड होल्ट के मुताबिक गुजरात की हीरा नगरी और व्यापार केंद्र सूरत में 2035 तक 9 प्रतिशत से अधिक की औसत के साथ सबसे तेजी से विस्तार देखेने को मिलेगा. शीर्ष के 10 शहरों में- सूरत, आगरा, बेंगलुरु, हैदराबाद, नागपुर, तिरुपुर, राजकोट, तिरुचिरापल्ली चेन्नई और विजयवाड़ा शामिल है.

2019 से 2035 के बीच दुनियाभर के 20 तेजी से विकास करने वाले शहरों में से 17 शहर भारत से हैं. इन शहरों में बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई सबसे आगे हैं. सूरत इसमें टॉप 10 में नंबर वन पर सबसे तेजी से विकास करने वाला शहर है. इसके बाद आगरा और बेंगलुरु है. हैदराबाद चौथे नंबर पर है जबकि इसके बाद नागपुर, तिरुपुर, राजकोट, तिरुचिरापल्ली, चेन्नई और विजयवाड़ा है ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में सबसे तेजी से विकास करने वाले शीर्ष दस शहरों में सभी शहर भारत के हैं

दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है. इसके साथ ही ही शहरों का भी तेजी से विकास हो रहा है. ये विकास की गति भारत में भी देखने को मिल रही है. ताजा रिपोर्ट सुकून देने वाली है. दुनियाभर के 20 तेजी से विकास करने वाले शहरों में से 17 शहर भारत के हैं. ग्लोबल इकोनॉमिक रिसर्च रिपोर्ट की तरफ से ये आंकड़े सामने आए हैं वर्तमान में जब फ्यूचर जीडीपी ग्रोथ रेट की बात की जाती है तो ऐसे में ये रिपोर्ट बहुत मायने रखती है.अगर 2035 में जनसंख्या की बात की जाए तो इस लिहाज में टॉप 10 शहरों में मुंबई पहले स्थान पर होगा. ऑक्सफर्ड इकॉनमिक्स के ग्लोबल सिटीज रिसर्च हेड रिचर्ड हॉल्ट ने कहा कि 2035 तक भारतीय शहरों की कंबाइंड जीडीपी चीन (या नॉर्थ अमेरिका, यूरोप) के शहरों की तुलना में कम ही होगी.

हालांकि उनके मुताबिक इस अनुमान में भारतीय शहर स्टार परफॉर्मर रहने वाले हैं उन्होंने बताया कि शहरों की कुल जीडीपी की बात की जाए तो चीन के शहरों का योगदार काफी खास होगा. 2035 तक शंघाई लंदन के साथ दुनिया की चौथे सबसे बड़ी शहरी इकॉनमी होगा. अनुमान के मुताबिक 2027 में सारे एशियाई शहरों की कुल जीडीपी पहली बार नॉर्थ अमेरिकी या यूरोपीय शहरों की कंबाइंड जीडीपी को पार कर जाएगी. रिपोर्ट के मुताबिक 2035 तक एशियाई शहरों की जीडीपी 17 फीसदी तक अधिक हो जाएगी इनमें अकेले चीन के शहर नॉर्थ अमेरिका या यूरोप के शहरों की तुलना में ज्यादा जीडीपी वाले होंगे.

हालांकि न्यू यॉर्क तब भी अपने बड़े फाइनैंस और बिजनस सर्विस सेक्टर की वजह से दुनिया की सबसे बड़ी शहरी इकॉनमी होगा. इसके बाद तोक्यो, लॉस एंजिलिस का नाम आएगा, जबकि चौथे स्थान पर संयुक्त रूप से शंघाई और लंदन काबिज रहेंगे.





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