स्वास्थ्य शिविर में मुफ्त में दवाएं भी दी गयी 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

कोटद्वार : महिला उत्थान एवं बाल कल्याण संस्था की अध्यक्ष अनुकृति गुसाईं रावत और DIMS के मैनेजिंग डायरेक्टर तुषित रावत द्वारा एक निशुल्क स्वास्थ्य रिलीफ कैम्प का आयोजन शनिवार को मोटढ़ांग कोटद्वार स्थित पब्लिक इण्टर कालेज में आयोजित किया गया जिसका उद्घाटन माननीय कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत जी द्वारा किया गया।

महिला उत्थान एवं बाल कल्याण समिति और दून इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (डीआइएमएस) कॉलेज देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में मोटाढाक इंटर कॉलेज में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में लगभग तीन हजार से ज्यादा मरीजों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें दवा बांटी गई।

यहाँ आयोजित शिविर का शुभारंभ प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड भौगोलिक दृष्टि से पहाड़ियों से घिरा इलाका है, जहां समय पर इलाज नामुमकिन है। उन्होंने कहा कि आज निजी अस्पतालों में भारी खर्च के चलते गरीबों को इलाज कराना संभव नहीं। ऐसे में गरीब को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के दृष्टिगत इस तरह के स्वास्थ्य शिविर आयोजित होते रहने चाहिए। उन्होंने डीआइएमएस कॉलेज के एमडी तुषित रावत और समिति अध्यक्ष अनुकृति गुसाई रावत का मेडिकल कैंप लगाने पर आभार जताया। शिविर में हड्डी रोग विशेषज्ञ, महिला चिकित्सक, बाल रोग विशेषज्ञ, नाक-कान-गला विशेषज्ञ, फिजीशियन, सामान्य रोग विशेषज्ञ सहित बड़ी तादाद में अन्य चिकित्सक मौजूद रहे। एमडी तुषित रावत ने भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन करने के लिए कॉलेज के द्वारा सहयोग देते रहने का आश्वासन दिया। साथ ही, महिला उत्थान समिति की अध्यक्ष अनुकृति गुसाई ने भी महिलाओं के उत्थान के लिए इस प्रकार के आयोजन की जरूरत बताई।

इस अवसर पर पूर्व पालिकाध्यक्ष रश्मि राणा, पार्षद सौरभ नौडियाल, गायत्री भट्ट, भुवनेश खर्कवाल, कुलदीप रावत, एलसी गुप्ता, विनोद रावत, सुरेंद्र गुसाई सहित कई अन्य मौजूद रहे।

दून इंस्टियूट ऑफ मेडिकल साइंसिस चिकित्सालय, देहरादून के द्वारा इस निशुल्क स्वास्थ्य शिविर के आयोजन में सहयोग प्रदान किया गया।जिसमें कोटद्वार की जनता को ऐेसे स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लाभ मिलेगा। इस स्वास्थ्य शिविर में दून इंस्टियूट ऑफ मेडिकल साइंसिस चिकित्सालय के स्त्री रोग विशेषज्ञ, सामान्य रोग विशेषज्ञ, सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, आयुर्वेद चिकित्सक, नेत्र रोग विशेषज्ञ, नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ आदि चिकित्सकों ने लगभग 2845 मरीजों की जांच की और निशुल्क उपचार के बाद फ्री दवाई वितरित की।





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