पलायन की अनदेखे जख्मों से लहूलुहान उत्तराखंड के हालात दिन पर दिन बदतर होते जा रहें हैं। उत्तराखंड में सबसे अधिक पलायन देखने वाले पौड़ी जिले को लेकर तैयार पलायन आयोग की रिपोर्ट ने इस दर्द की पूरी दास्तां सामने रख दी है। पलायन आयोग की रिपोर्ट कहती है कि पिछले सात सालों में पौड़ी के 298 गांवों से पलायन हुआ है। इनमें से 186 गांव पूरी तरह खाली हो गए हैं।

112 गांव ऐसे हैं जिनमें 50 फीसद पलायन है। हालात इतने खराब हैं कि अक्सर गांवों में किसी की मौत के बाद शव को कंधा देने वाले भी नहीं होते। ऐसे में आसपास के गांवों से लोगों को बुलाना पड़ता है। यही नहीं, शमशान में लकड़ी पहुंचाने वाला भी कोई नहीं होता लिहाजा गांव में बची महिलाएं ही लकड़ियां पहुंचाती है।

पौड़ी के पलायन की ये तस्वीर महज पिछले सात सालों में बदरंग हो गई। 1212 ग्राम पंचायतों में से 1025 ग्राम पंचायतों में से पलायन हुआ है। पलायन करने वाले अधिकतर लोग 26 से 35 वर्ष के बीच के हैं। यही नहीं पौड़ी में ही राज्य के सबसे अधिक गरीब रहते हैं। पलायन आयोग के मुताबिक पौड़ी में 29.36 फीसदी जनसंख्या गरीबी रेखा से नीचे रहती है जो राज्य में सबसे अधिक है।

 





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