देहरादून। बीजेपी के विधायक देशराज कर्णवाल ने अति उत्साह में अपनी वाहवाही बटोरने के लिए विधानसभा परिसर में ही अपना पोस्टर चस्पा करा दिया। संभवत: ये पहला मौका है जब किसी विधायक ने अपने कार्यक्रम का पोस्टर विधानसभा परिसर के अंदर चस्पा कराया हो। विधानसभा के अलिखित नियमों के तहत और विधानसभा की गरिमा का ध्यान रखते हुए आज से पहले कभी किसी विधायक ने विधानसभा परिसर के भीतर किसी भी तरह का प्रचार प्रसार की सामग्री चस्पा कराई हो।

देशराज कर्णवाल के इस बैनर में बाबा साहब के परिनिर्वाण दिवस के मौके पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में आने के लिए लोगों का धन्यवाद किया गया है। आमतौर पर ऐसे बैनर पोस्टर विधानसभा परिसर के भीतर नहीं लगाए जाते हैं। विधानसभा की गरिमा को ध्यान में रखते हुए विधायक भी विधानसभा परिसर में इस तरह के बैनर पोस्टर लगाने से परहेज करते हैं लेकिन देशराज कर्णवाल ने एक नई परंपरा शुरु कर दी है। देशराज कर्णवाल ने अब अपने बैनर पोस्टर विधानसभा परिसर में लगवाने शुरु कर दिए हैं। हैरानी की बात ये है कि ये पोस्टर ऐसी दीवार पर लगाया गया है जो विधायकों के आने जाने वाले दरवाजे के ठीक सामने है। खुद विधानसभा की व्यवस्था देखने वाले अधिकारी और कर्मचारी भी इस रास्ते से आते जाते हैं लेकिन किसी ने इस बैनर पोस्टर पर आपत्ति नहीं जताई।

गौरतलब है कि बाबा साहब के परिनिर्वाण दिवस के मौके पर देशराज कर्णवाल ने एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया था। इस सभा में कांग्रेस विधायक इंदिरा हृद्येश और ममता राकेश किसी वजह से शामिल नहीं हो पाईं। इसके बाद देशराज कर्णवाल के समर्थकों ने इन दोनों नेताओं के पुतले फूंके। इस बात से नाराज ममता राकेश ने कर्णवाल को मानसिक रोगी तक बता दिया। कांग्रेस विधायकों ने जब ये मसला सदन में उठाया को देशराज कर्णवाल को पूरे सदन के सामने माफी मांगनी पड़ी।

वहीं जब विधानसभा परिसर में बैनर पोस्टर जैसी प्रचार सामग्री लगाए जाने के संबंध में हमने विधानसभा सचिव जगदीश चंद्र से नियमों के बारे में जानकारी चाही तो उन्होंने कुछ भी बताने से मना कर दिया। हालांकि उन्होंने ये मसला विधानसभा अध्यक्ष के सामने उठाने की सलाह दे दी।





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