बुलंदशहर हिंसा में राष्ट्रीय राइफल्स के जवान जितेंद्र मलिक उर्फ जीतू फौजी का नाम उभरकर सामने आने पर सेना अध्यक्ष बिपिन रावत ने कहा है कि यदि जितेंद्र मलिक के खिलाफ कोई सबूत पाया जाता है और पुलिस उसे संदिग्ध मानती है तो हम उसे पुलिस के समक्ष पेश करेंगे. हम इस मामले में पुलिस की पूरी मदद करेंगे.

जानकारी के लिए आपको बता दें कि टीवी चैनलों पर जीतू को पुलिस को सौंप दिए जाने की खबरें चल रही थीं. सेना और पुलिस अधिकारी अभी तक इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं. जीतू फौजी हिंसा वाले दिन से ही फरार है. उसे पकड़ने के लिए पुलिस की टीम शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर पहुंची थी. जीतू पर हिंसा भड़काने, आगजनी और हत्या का आरोप है.

पुलिस के पास जीतू फौजी का कोई आपराधिक रेकॉर्ड नहीं है. बताया जा रहा है कि उसने इंटर कॉलेज चित्सौना से हाईस्कूल तक पढ़ाई की. इसके बाद पब्लिक इंटर कॉलेज स्याना से 12वीं की परीक्षा पास की. फिर कुछ समय घनसूरपुर कॉलेज से भी पढ़ा. जीतू की उम्र 24 साल के आसपास बताई जा रही है जो 4 साल पहले ही सेना में भर्ती हुआ था. जीतू शादीशुदा है और उसका 10 महीने का एक बच्चा भी है. गांव के लोगों ने बताया कि जब से वह सेना में भर्ती हुआ है तबसे छुट्टियों में ही घर आता था.





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