देहरादून : विधायक बनने के डेढ़ साल बाद भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत पचास मंत्रियों ने विधानसभा को अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया। केवल पांच मंत्रियों और 21 विधायकों ने ही यह जानकारी दी है। सूचना अधिकार के तहत ली गई जानकारी में इस बात का खुलासा हुआ है।

काशीपुर के रहने वाले सूचना अधिकार कार्यकर्ता ने मांगा ब्यौरा

काशीपुर के रहने वाले सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन ने विधानसभा के लोक सूचना अधिकारी से मंत्रियों-विधायकों के संपत्ति विवरण का ब्योरा मांगा था। इसके जवाब में लोक सूचना अधिकारी मुकेश सिंघल ने आठ सितंबर 2018 को संपत्ति का लेखा-जोखा उपलब्ध कराने वाले विधायकों की जानकारी दी है। आरटीआई रिपोर्ट के मुताबिक, विधायक बनने के डेढ़ साल बाद भी सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत करीब 50 विधायकों ने संपत्ति ब्योरा नहीं दिया है। इनमें पांच मंत्रियों और नेता प्रतिपक्ष का नाम भी शामिल है।

ये-ये दिग्गज नेता शामिल

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, महिला कल्याण राज्यमंत्री रेखा आर्य, नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश।

रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल विधायकों को 30 जून तक सालाना संपत्ति का भी ब्योरा देना पड़ता है। साल 2018 में तो केवल दो ही विधायकों ने यह ब्योरा उपलब्ध कराया है। इनमें धन सिंह नेगी और विधायक खजान दास शामिल हैं।





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