सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण का बिल लोकसभा व राज्यसभा से पास हो गया है. इसके साथ ही आरक्षण के नए युग की शुरुआत हो जाएगी. यदि आप भी आने वाले समय में सवर्ण आरक्षण का लाभ लेना चाहते हैं तो ये जरुरी कागजात बनवा लें.

पैन कार्ड – अगर आपने अभी तक पैन कार्ड नहीं बनवाया है तो अब जरूर बनवा लें. शिक्षा और नौकरी के लिए पैन कार्ड आवश्यक है.

आधार कार्ड- आधार कार्ड भारतीय नागरिक होने की पहचान के तौर पर दिखाया जाता है. इससे आपकी पूरी जानकारी हासिल हो सकती है. ये अब नौकरी के लिए अनिवार्य है. इसलिए आधार कार्ड नहीं बना है तो अब जरूर बनवा लें.

पासबुक की कॉपी- आपसे पासबुक के तीन महीने के स्‍टेटमेंट भी मांगा जा सकता है. इससे आपकी आय का अनुमान लगाने में मदद मिलेगी.

आय प्रमाण पत्र- आरक्षण का लाभ सिर्फ उन्हीं को मिल सकता है जिनकी आय आठ लाख रुपए से कम हो. इसके लिए आय प्रमाण पत्र होना जरूरी है.

जाति प्रमाण पत्र- सवर्ण जाति के प्रतियोगियों को अब तक कभी भी जाति प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं पड़ी है. लेकिन इस विधेयक के लागू होने के बाद हो सकता है आपसे जाति प्रमाण पत्र मांगा जाए. इसलिए अभी से इसे बनवा लें.

इनकम टैक्‍स रिटर्न- अगर आप इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करते हैं तो इसके कागजात अपने पास संभालकर रखें. फार्म 16 के जरिए आप ये आसानी से प्रमाणित कर सकते हैं कि आपकी इनकम आठ लाख से कम है.

जनधन योजना से जुड़ें- जनधन योजना के तहत अपना बैंक खाता खुलवाएं. इस योजना के तहत उन्‍हीं खाताधारकों को लाभ मिलता है जो आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं.

बीपीएल कार्ड- अगर आप बीपीएल कार्ड धारक हैं तो आपके लिए ये कार्ड बेहतर साबित हो सकता है.

भारत की 95% आबादी को किसी न किसी रूप में आरक्षण का लाभ मिल सकेगा. कैबिनेट ने 8 लाख से कम आमदनी वाले परिवारों को इस दायरे में रखा है. 8 लाख रुपये के सालाना आमदनी का मतलब है कि अगर एक परिवार में 5 व्यक्ति हैं, तो प्रति व्यक्ति आय 13,000 से थोड़ी सी अधिक होगी. एनएसएसओ सर्वे 2011-12 के मुताबिक प्रति महीने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति आय 2,625 रुपये है और शहरी क्षेत्रों में यह 6,015 रुपये के करीब. आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण यदि लागू होता है तो अधिक आय वर्ग के ऊपर के सिर्फ 5 फीसदी परिवार ही इस दायरे से बाहर होंगे.

आरक्षण के लिए जमीन के मालिकाना हक के लिए जो आधार तय किया गया है, वह भी काफी विस्तृत है. कृषि जनगणना आंकड़े 2015-16 के अनुसार, भारत में जमीनों के मालि 86.2% मालिक 2 हैक्टेयर साइज से भी कम जमीन के मालिक हैं, जो 5 एकड़ से कम ही है. इस आधार के कारण भी आबादी का एक बहुत बड़ा हिस्सा कवर होनेवाला है.





0 comments:

Post a Comment

See More

 
Top