देहरादून : प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के 15 भत्ते समाप्त कर दिए गए हैं जिससे कर्मचारियों में खासा रोष है। दरअसल सरकार ने अपने ऊपर का वित्तीय बोझ कम करने के लिए कर्मचारियों के भत्तों को कम करने का फैसला किया. जिससे कर्मचारियों में नाराजगी है. इसी के चलते सीएम ने बैठक बुलाई.

ये हैं 15 भत्ते

15 भत्तों में स्वैच्छिक परिवार कल्याण भत्त,प्रतिनियुक्ति भत्ता, प्रशिक्षण भत्ता, जीपीएफ पासबुक रखरखाव भत्ता,कैश भत्ता, कम्प्यूटर भत्ता,कोषागार-उपकोषागार कर्मियों का आईपीएओ भत्ता,सचिवालय में तैनाती का भत्ता, स्नातकोत्र भत्ता, संग्रह अमीनों का लेखन सामग्री भत्ता, लोनिवि नियोजन, डिजाइन, शोध, प्रशिक्षण अन्वेषण का विशेष वेतन भत्त. तय भत्तों के भुगतान के संबंध में वित्त सचिव अमित नेगी ने आदेश जारी किया।

आगामी 1 फरवरी से लागू 

इस आदेश को आगामी 1 फरवरी से लागू माना जाएगा। नई व्यवस्था में स्वैच्छिक परिवार कल्याण भत्ता, प्रतिनियुक्ति भत्ता समेत 15 भत्ते समाप्त किए गए हैं। वहीं पर्वतीय विकास भत्ता, सीमांत विकासखंड भत्ता समेत करीब 12 भत्ते यथावत रखे गए हैं।

सीएम ने बुलाई बैठक

वहीं राज्य कर्मचारियों के भत्ते कटौती और कर्मचारियों के नाराजगी के चलते मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बैठल बुलाई और मुख्य सचिव, सचिव कार्मिक व अन्य अधिकारियों को तलब किया. आपको बता दें ये बैठक सीएम आवास में शाम को बुलाई गई है. सीएम आवास में शाम को बैठक में कर्मचारियों के पक्ष पर विचार किया जाएगा।

लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है खामियाजा

एक ओर जहां सरकार ने राज्य कर्मचारियों के 15 भत्ते खत्म कर दिए वहीं इससे कर्मचारियों में रोष है, जिसका खामियाजा सरकार को लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है. इसलिए सीएम की ये बैठक अहम मानी जा रही है.





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