देहरादून : उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है…जिस पर लगाम लगा पाने और मरीजों को सही उपचार देने में स्वास्थय विभाग औऱ अस्पताल दोनों नकामयाब साबित हो रहे हैं. आपको बता दें प्रदेश में स्वाइन फ्लू से अब तक एक के बाद एक 15 जानें जा चुकी है लेकिन किसी को ये सुध नहीं है कि आखिर किस कारण स्वाइन फ्लू के मरीजों को मौतें हो रही है बल्कि अस्पताल पर्दा डालने में लगे हुए हैं.

स्वाइन फ्लू पीड़ित एक और मरीज की मौत

जी हां राज्य में स्वाइन फ्लू पीड़ित एक और मरीज की मौत हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार हरिद्वार निवासी 37 वर्षीय महिला को कुछ दिन पहले देहरादून के श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिन्हे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी औऱ तेज बुखार था. जिसके बाद उन्हें श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उन्होंने दम तोड़ दिया.

15 मरीजों में से 12 मरीजों की मौत श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में

बता दें प्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू से 15 मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं इन 15 मरीजों में से 12 मरीजों की मौत  अकेले श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में हुई है।

तीन और नए मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि 

मुख्य चिकित्साधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को तीन और नए मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें दो मरीज देहरादून और एक मरीज हरिद्वार का रहने वाला है। तीनों का उपचार श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में चल रहा है। कुल मिलाकर प्रदेश में एक महीने से भी कम समय में स्वाइन फ्लू का वायरस 51 लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है। इनमें से 15 मरीजों की मौत उपचार के दौरान हो चुकी है। बीस से अधिक मरीज शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।

स्वास्थय विभाग नहीं गंभीर

एक के बाद एक स्वाइन फ्लू के मरीजों की मौत हो रही है लेकिन स्वास्थय विभाग सचेत नहीं है और न ही सुध लेने की कोशिश कर रहा है कि आखिर किस कारण जानें जा रही है और उपचार में ऐसी कौन सी कमी रह रही है जिस कारण एक के बाद एक मरीजों की मौतें हो रही है. ऐसे में स्वास्थय विभाग पर सवाल उटना लाजमी है.





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