भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्‍यक्ष डॉ. के. सिवन ने कहा है कि चन्‍द्रयान-2 25 मार्च-30 अप्रैल के बीच लांच किया जाएगा. डॉ. सिवन आज यहां संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे. उन्‍होंने बताया कि इसरो ने इस वर्ष 32 मिशनों की योजना बनाई है. इसरो के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की चर्चा करते हुए उन्‍होंने कहा कि इनमें गगनयान परियोजना, विद्यार्थियों तक पहुंचना, पहुंच कार्यक्रम, इस वर्ष के नियोजित मिशन और विक्रम साराभाई शताब्‍दी समारोह है. पहुंच कार्यक्रमों की चर्चा करते हुए डॉ. सिवन ने कहा कि इस वर्ष इसरो ने विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम प्रारंभ किया है, जिसमें अपने मुख्‍यालय से बाहर रहने के दौरान इसरो अध्‍यक्ष विद्यार्थियों से मिलते हैं और वैज्ञानिक विषयों पर उन के सवालों का जवाब देते हैं. उन्‍होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा असीमित है और जानने की उनकी क्षमता अनन्‍त है.

इसरो ने पहली बार वैज्ञानिक प्रतिभा को प्रोत्‍साहित करने और देश में वैज्ञानिकों के पूल को बढ़ाने के लिए युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम की घोषणा की है. डॉ. सिवन ने कहा कि इसके अंतर्गत एक महीने के लिए इसरो कार्यक्रम के लिए प्रत्‍येक राज्‍य और केन्‍द्रशासित प्रदेश से तीन विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जो इसरो केन्‍द्रों पर जाएंगे, वरिष्‍ठ वैज्ञानिकों से बातचीत करेंगे तथा अनुसंधान और विकास सुविधाएं देखेंगे. यात्रा और आवासीय खर्च इसरों द्वारा वाहन किया जाएगा. डॉ. सिवन ने राज्‍य सरकारों तथा राज्‍य के शिक्षा विभागों से इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की.

गगनयान की चर्चा करते हुए डॉ. सिवन ने कहा कि मानव रहित पहला अंतरिक्ष विमान दिसंबर 2020 तक लांच किया जाएगा और जुलाई 2021 तक दूसरा मानव रहित मिशन तथा दिसंबर 2021 तक पहला मानव चालित मिशन लांच किया जाएगा. उन्‍होंने बताया कि गगनयान परियोजना के लिए मानव अंतरिक्ष उड़ान केन्‍द्र (एचएसएफसी) की स्‍थापना गई है.





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