उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव लंदन में हुए खुलासे पर कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है. ईवीएम पर उठे सवालों को देखते हुए चुनाव आयोग को इसे गंभीरता से लेने की नसीहत देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 में मतदान बैलेट पेपर से कराना चाहिए. चुनाव आयोग को इस पर विचार करना चाहिए. लोकतंत्र मतदाता के विश्वास पर टिका हुआ है. मतदाता को यह यकीन दिलाना बेहद आवश्यक है कि उसने जिस प्रत्याशी को वोट दिया, वह उसे ही गया है.

म्यर मैत कार्यक्रम के तहत मंगलवार को टनकपुर बनबसा पहुंचे रावत ने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार ने उत्तराखंड के लोगों को मायूस किया है. राज्य की भाजपा सरकार ने कांग्रेस के समय की विकास योजनाओं को तो लटकाया ही, खुद भी विकास में एक ईंट नहीं लगाई है. कांग्रेस राज में शुरू की गई विभिन्न पेंशन योजनाओं को भी त्रिवेंद्र सरकार ने बंद कर दिया है. पहाड़ के लोगों को खाद्यान्न योजना के लाभ से भी वंचित किया जा रहा है. टनकपुर-जौलजीबी रोड भारत और नेपाल के बीच में एक नया इकोनॉमी जोन बनाने का प्रस्ताव था. मौजूदा सरकार ने इसे भी रोक दिया है.

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झूठ के सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने कांग्रेस की बनाई जनहितकारी योजनाओं को बंद कर दिया है. एपीएल राशन कार्डों पर मंहगा खाद्यान्न दिया जा रहा है, चीनी नहीं दी जा रही है. किसानों को फसल का भुगतान नहीं दिया जा रहा है. राज्य के उत्पादों की उपयोगिता के लिए योजना नहीं है. जैव विविधता, संस्कृतिक विविधता के संवर्धन के लिए कोई काम नहीं किया जा रहा है.

लोकसभा चुनाव की लय में बहते नजर आ रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने यहां आयोजित जनसभा में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए लोगों से सहयोग मांगा. रावत ने 2019 को परिवर्तन वर्ष बताया और लगे हाथों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाने पर लिया.





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