देहरादून : सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाशोत्सव(352वीं जयंती) के अवसर पर पंजाब एंड सिंध बैंक के पीआर डिपार्टमेंट ने दिल्ली रकाबगंज साहेब गुरुद्वारे में लंगर लगाया…इस मौके पर देहरादून पंजाब एंड सिंध बैंक के चेयरमैन मान सिंह जी भी गुरुद्वारे पहुंचे और गुरुद्वारे में अपनी सेवा दी…इस दौरान बैंक से सेवानिवृत्त हो चुके पुराने स्टाफ भी गुरुद्वारे पहुंचे और उन्होंने भी लंगर में हाथ बंटाया.

गुरु गोविंद सिंह ने की थी 1699 में खालसा पंथ की स्थापना

बता दें सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंहजी का जन्म 1666 ई. में हुआ था। इन्होंने सिख धर्म के पवित्र धर्म ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहब को पूरा किया। गुरु गोविंद सिंह ने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी। इन्होंने जीवन जीने के पांच सिद्धांत दिए, जिन्हें ‘पंच ककार’ के नाम से जाना जाता है। गोविंद सिंह के संदेश के अनुसार ही खालसा सिखों में पांच चीजों को अनिवार्य माना जाता है। ये पांच चीजें हैं- केश, कड़ा, कृपाण, कंघा और कच्छा।

बता दें गुरु गोविंद सिंह जहां विश्व की बलिदानी परम्परा में अद्वितीय थे, वहीं वे स्वयं एक महान लेखक, मौलिक चिंतक तथा संस्कृत सहित कई भाषाओं के ज्ञाता भी थे। उन्होंने स्वयं कई ग्रंथों की रचना की। वे विद्वानों के संरक्षक थे। उनके दरबार में कई कवियों और लेखकों की उपस्थिति रहती थी, इसीलिए उन्हें ‘संत सिपाही’ भी कहा जाता था। वे भक्ति तथा शक्ति के अद्वितीय संगम थे।





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