देहरादून : हाईकोर्ट ने समाज कल्याण विभाग में करीब 500 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रहे डा. टीसी मंजूनाथ के तबादले पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने सरकार की ओर से आईजी संजय गुंज्याल की अध्यक्षता में गठित नई एसआईटी को भी निरस्त किया। कोर्ट ने कहा कि जांच को प्रभावित करने के लिए ही एसआईटी के अध्यक्ष और उसकी टीम को बदला गया। मुख्य सचिव की ओर से शपथपत्र पेश करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा गया तो कोर्ट ने शासन की कार्यवाही पर भी सवाल उठाया.

बता दें कि देहरादून निवासी रवींद्र जुगरान ने समाज कल्याण विभाग के खिलाफ याचिका दाखिल की थी.सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश  रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ ने कहा कि शीतकालीन अवकाश होने वाला है। शासन केवल कार्यवाहियों को विलंबित करने के उद्देश्य से समय की मांग कर रहा है। कोर्ट पहले भी दो बार मुख्य सचिव के शपथ पत्र पर असंतोष जाहिर कर चुका है। उनसे नौ जनवरी को विस्तृत शपथ पत्र पेश करने को कहा गया था।

रवींद्र जुगरान का बयान

वहीं रवींद्र जुगरान का कहना है कि बड़े स्तर पर इसमें घोटाला हुआ है…और इस पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए.

मंगलवार को हुआ था मंजूनाथ का तबादला

आपको बता दें सरकार ने मंगलवार को हरिद्वार के यातायात पुलिस अधीक्षक और एसआईटी प्रभारी डा. टीसी मंजूनाथ का तबादला किया था। उनकी जगह आईजी संजय गुंज्याल को एसआईटी का अध्यक्ष बनाया गया और छह सदस्यीय नई टीम को तीन माह में जांच पूरी करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लिया और कहा कि डॉ. मंजूनाथ हरिद्वार में ही रहेंगे और इस मामले की जांच करेंगे। जांच को प्रभावित करने के उद्देश्य से पूर्व एसआईटी अध्यक्ष व टीम को बदला गया।

समाज कल्याण विभाग ने अनुसूचित ने किया दुरुपयोग

वहीं इससे पहले हाईकोर्ट में पेश हुए डा. मंजूनाथ ने कहा था कि समाज कल्याण विभाग ने अनुसूचित जाति के छात्रों की छात्रवृत्ति बांटने में सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। कोर्ट को दिए गए शपथपत्र में डॉ. मंजूनाथ ने यह भी कहा था कि जांच में समाज कल्याण विभाग के अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे हैं। एसआईटी सामान्य लोगों से मिले दस्तावेजों के सहारे ही जांच कर पा रही है। ऐसे में बुधवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने साफ कहा कि जांच को दबाने की मंशा से ही डा. मंजूनाथ का तबादला किया गया और एसआईटी टीम को बदला गया।





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