एसजेवीएन लि.ने सौंपा 5 करोड़ का चैक

देहरादून : सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत एसजेवीएन लि. 13.28 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
इसके लिए जिला प्रशासन उत्तरकाशी व एसजेवीएन लि.के मध्य एमओयू हो चुका है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री आवास में एसजवीएन लि. के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक श्री नन्द लाल शर्मा ने उत्तरकाशी जिले के जनजाति बहुल मोरी, पुरोला, नौगांव, चिन्यालीसौड़ में चारा/ लकड़ी भण्डारण कक्षों के निर्माण के लिए एसजेवीएन फाउडेशन की ओर से पहली किश्त के रूप में रूपये 5.0 करोड़ (पाँच करोड़ रूपये) का चेक सौंपा। इस राशि से इन क्षेत्रों में सर्दियों के मौसम में होने वाली आगजनी की घटनाओं की रोकथाम के लिए स्थायी निमाण किए जाएगें। इस कार्य के लिए कार्यदायी संस्था ग्रामीण कार्य विभाग होगी।

एसजेवीएन लि. के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक श्री नन्द लाल शर्मा ने बताया कि एसजेवीएन लि. निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत उत्तरकाशी जिले में इस कार्य के लिए रुपये 13.28 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। इससे समूचे क्षेत्र में भविष्य में आगजनी की घटनाओं को प्रभावी ढ़ंग से रोका जा सकेगा। इस सम्बन्ध में एसजेवीएन फाउडेशन और उत्तरकाशी जिला प्रशासन के बीच 14 जनवरी 2019 को एम.ओ.यू भी हस्ताक्षरित किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने एसजेवीएन लि. से उत्तराखण्ड में चल रही परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। इन परियोजनाओं के निर्माण में तेजी लाने को कहा। एसजेवीएन लि.के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक श्री नन्द लाल शर्मा ने बताया कि एसजेवीएन वर्तमान में उत्तराखण्ड में 60 मेगावाट की नैटवार मोरी जल विद्युत परियोजना का निर्माण कर रहा है। निगम इसके अलावा चमोली जिले में पिण्डर नदी पर 252 मेगावाट की देवसारी जल विद्युत परियोजना और उत्तरकाशी जिले में सुपिन नदी पर 44 मेगावाट की जखोल सांकरी जल विद्युत परियोजना का निर्माण कर रहा है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह, जिलाधिकारी उत्तरकाशी डाॅ. आशीष कुमार चैहान,एसजेवीएन की ओर से महाप्रबधक/प्रमुख देहरादून क्षेत्र श्री देविन्द्र वढ़ेरा, परियोजना प्रमुख नैटवार मोरी जल विद्युत परियोजना श्री राजेश कुमार जगोता, परियोजना प्रमुख देवसारी जल विद्युत परियोजना श्री विजय कुमार ठाकुर, परियोजना प्रमुख जखोला साकंरी जल विद्युत परियोजना श्री जुगल किशोर महाजन एवं अपर महाप्रबन्धक (ज.सं) श्री आशीष पंत उपस्थित थे।





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