रविवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को एक ‘वीर सैनिक’ और ‘कुशल संगठनकर्ता’ बताया और कहा कि उनकी सरकार ने स्वतंत्रता सेनानी से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने की लंबे से होती रही मांग को पूरा किया है.

2019 के अपने पहले ‘मन की बात’ संबोधन में, मोदी ने कहा, ” सुभाष बाबू को हमेशा एक वीर सैनिक के रूप में याद किया जाएगा.उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.’दिल्ली चलो’ और ‘तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ जैसे नारों के साथ उन्होंने हर भारतीय को जागृत किया.”

उन्होंने कहा, “कई वर्षो से यह मांग की जा रही थी कि नेताजी से संबंधित फाइलों को सार्वजनिक किया जाए और मुझे खुशी है कि हमने इस मांग को पूरा किया.”

नेताजी के जीवन के बारे में एक किस्सा साझा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, “मैंने हमेशा लोगों के साथ संवाद करने के लिए रेडियो को एक महत्वपूर्ण साधन माना है.इसी तरह, नेताजी का भी रेडियो के साथ बहुत गहरा संबंध था और उन्होंने भी देशवासियों के साथ संवाद करने के लिए रेडियो को चुना.”

मोदी ने कहा, “1942 में, सुभाष बाबू ने आजाद हिंद रेडियो की शुरुआत की जिसके माध्यम से उन्होंने आजाद हिंद फौज के लोगों और जवानों के साथ संवाद किया.”

मोदी ने 23 जनवरी को लाल किले में नेताजी को समर्पित संग्रहालय का भी जिक्र किया.

उन्होंने कहा, “23 जनवरी को, पूरे देश ने नेताजी की जयंती मनाई और उसी दिन, मैंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले नायकों को समर्पित एक संग्रहालय का उद्घाटन किया.”

मोदी ने कहा, “मैं जब लाल किले के ‘क्रांति मंदिर’ में नेताजी के साथ जुड़ी यादों को देख रहा था, तो नेताजी के परिवार के सदस्यों ने मुझे एक बहुत ही खास टोपी भेंट की, जो उनके द्वारा पहनी गई थी.मैंने टोपी को संग्रहालय में रख दिया ताकि यह संग्रहालय आने वाले लोगों के लिए एक प्रेरणा के रूप में कार्य करे.”

अपने भाषण में, उन्होंने पिछले महीने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की अपनी यात्रा का भी जिक्र किया.

उन्होंने कहा, “मैं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह गया और एक कार्यक्रम में, राष्ट्रीय ध्वज उसी स्थान पर फहराया गया, जहां नेताजी ने 75 साल पहले इसे फहराया था.”

मोदी ने आगे कहा, “इसी तरह, जब अक्टूबर 2018 में लाल किले पर झंडा फहराया गया था, तो हर कोई हैरान था, क्योंकि वहां सिर्फ 15 अगस्त को वहां झंडा फहराने की परंपरा है.लेकिन यह आजाद हिंद सरकार के गठन का 75 साल पूरे होने के अवसर में किया गया था.”

मोदी ने दिवंगत सिद्दगंगा मठ के मनीषी शिवकुमार स्वामी को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा, हजारों लोगों के सामाजिक, शैक्षणिक कल्याण के लिए समर्पित कर दिया था.

उन्होंने कहा, “यह स्वामी की प्राथमिकता थी कि लोगों को भोजन, आश्रय, शिक्षा और आध्यात्मिक ज्ञान मिले.”





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