• मंत्रीगण महीने में दो बार जनता की समस्याओं होंगे रूबरू
  • कई लोग अपनी शिकायतें कम राजनीतिक हथियार बनकर जरूर आये

राजेन्द्र जोशी 

देहरादून : कृषि मंत्री सुबोध उनियाल के जनता दरबार कार्यक्रम में एक ट्रांसपोर्टर ने जहर खाने के बाद मृत्यु हो जाने से घबराई भाजपा ने जनता दरबार लगभग बंद ही कर दिया था जिसे अब एक बार फिर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की पहल पर शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और प्रदेश अध्यक्ष में विचार विमर्श के बाद अब सरकार के मंत्री बारी-बारी से महीने में दो बार भाजपा कार्यालय में बैठकर जनता की समस्याओं को सुनेंगे। लेकिन अभी यह तय नहीं किया जा सका है कि ये मंत्री भाजपा कार्यालय में कब से बैठना शुरू करेंगे और किस-किस दिन कितने समय के लिए बैठेंगे। 

माना जा रहा है कि पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता तक पहुंच बढ़ाने के लिए भाजपा ने एक बार फिर से जनता दरबार कार्यक्रम का सहारा लेना शुरू कर दिया है। बीजेपी के मंत्री अब महीने में दो बार बीजेपी कार्यालय में आकर जनता की समस्याओं से रूबरू होंगे। वर्ष 2017 में  राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सभी मंत्रियों को विधानसभा में एक दिन बैठने के आदेश जारी किए थे। लेकिन सरकार के इस आदेश का कुछ ही मंत्रियों ने पालन किया जबकि अधिकतर मंत्री आज भी अपने सरकारी आवासों से ही कामकाज निबटाने में विश्वास रखते हैं। आज भी केवल विधानसभा सत्र के दौरान ही विधानभवन लोगों से गुलज़ार रहता है जबकि अन्य दिनों यहां कई मंत्री तो झाँकने तक नहीं आते जबकि प्रदेश की जनता को मंत्रियों को ख़ोजने के लिए देहरादून की सड़कों पर धक्के खाने को मजबूर होता देखा जा सकता है। 

इसके बाद सरकार ने मुख्यमंत्री आवास सहित भाजपा कार्यालय में जनता दरबार कार्यक्रम शुरू किये लेकिन यहां भी कई लोग अपनी शिकायतें कम राजनीतिक हथियार बनकर जरूर इस जनता दरबारों का माहौल खराब करते नज़र आये।  उत्तरा बहुगुणा पंत सहित कई अन्य उदाहरण भी सामने आये जो खुद तो चार-चार साल तक अपनी पोस्टिंग वाले स्थानों पर अपनी सेवाएं देने से कतराते ही नहीं रहे थे बल्कि आराम से अपने घरों पर आराम फरमाते रहे हैं। वहीं भाजपा  कार्यालय में ही भरे जनता दरबार में एक ट्रांसपोर्टर के जहर खाकर आत्महत्या करने की घटना भी सबको याद है इन दोनों घटनाओं के बाद से दोनों स्थानों से जनता दरबार को धीरे धीरे बंद कर दिया गया। लेकिन अब लोकसभा चुनाव सामने आ जाने के बाद भाजपा को एक बार फिर जनता की समस्याओं से रूबरू होने की इच्छा महसूस होने लगी इसी क्रम में अब एक बार फिर जनता दरबार शुरू करने की कवायद शुरू हो रही है।





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