उधमसिंह नगर (मोहम्मद यासीन) : साल की पहली बारिश से जहां हवा में प्रदूषण कम होने से लोगों में बीमारियों का खतरा कम हुआ है, वहीं यह बारिश गेहूं की फसल के लिए सोने पर सुहागा साबित होगी। क्योंकि, जैसे कुछ दिन पहले मौसम में गर्माहट बढ़ रही है, उससे गेहूं की फसल बर्बाद होने का खतरा था। अब बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशहाली ला दी है।

बारिश गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित

उत्तराखंड मे हो रही बारिश गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगी। इससे गेहूं का झाड़ ज्यादा होगा और क्वालिटी भी बढ़ेगी। इससे किसानों के चेहरों पर रौनक दिखाई दे रही है। किसानों ने कहा कि नए साल में मौसम ने एकदम करवट बदल ली थी। ऐसा लग रहा था कि फरवरी से ही गर्मी शुरू हो जाएगी। जबकि, खेतों में खड़ी गेहूं की फसल के लिए अभी ठंडक का होना बेहद जरूरी है। यदि गर्माहट रहती तो गेहूं की फसल बर्बाद हो जाती। ये बारिश गेहूं के लिए फायदेमंद है। इससे गेहूं की फसल को कोई बीमारी नहीं लगेगी। इसका झाड़ ज्यादा होगा और क्वालिटी भी अच्छी होगी। सब्जियों के लिए बारिश फायदेमंद रहेगी।

किसानों का कहना है कि इन दिनों में गेहूं की फसल को एक बार फिर पानी लगाने की जरूरत होती है, ताकि फसल में तापमान गिरा रहा। बारिश से पानी लगाने की भी जरूरत महसूस नहीं होगी। आने वाले दिनों में भी दो-तीन बार बारिश हो जाती है, तो वह गेहूं के लिए बहुत ही फायदेमंद है।

बारिश न होती तो बर्बाद हो जाता किसान : डॉ गणेश उपाध्याय

डॉ गणेश उपाध्याय ने कहा कि बारिश का होना बेहद जरूरी था। अगर बारिश न होती तो किसान बर्बाद हो जाता। क्योंकि, सर्दी में गर्माहट से गेहूं की फसल खत्म हो जानी थी।





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