उत्तराखंड के सरकारी अस्पताल से फिर एक ऐसा मामला सामने आया है जिससे स्वास्थय विभाग की पोल खोल कर रख दी है साथ ही मरीजों को लेकर स्वास्थय विभाग और सरकार कितने गंभीर है इसकी सच्चाई भी सामने आई…महिलाओं की सुरक्षा तो छोड़िए सही से उपचार तक नहीं मिल पा रहा है औऱ सबसे बुरी हालत को गर्भवती महिलाओं की हो रही है. आए दिन कई मामले सुनने को आ रहे हैं जिससे उत्तराखंड स्वास्थय विभाग शर्मसार हुआ है.

डॉक्टरों पर खड़े हुए सवाल

बीते दिनों दून महिला अस्पताल में फोन-मोमबत्ती की लाइट में 9 डिलिवरी हुई थी..जिसने स्वास्थय विभाग की पोल खोलकर सबके सामने रख दी थी की…वहीं फिर एक ऐसा मामला सामने आया है जिससे डॉक्टरों पर सवाल खड़े होने लगे है.

जी हां नया मामला कर्णप्रयाग के नगर थाना क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थय केंद्र का है. जहां आपरेशन के दौरान सैज सिलंगी गांव की एक गर्भवती महिला की मौत हो गई.

डॉक्टरों ने कही गर्भ में मृत बच्चा होने की बात

दरअसल जब महिला अस्पताल में चेकअप कराने पहुंची तो डॉक्टरों ने बताया कि महिला के गर्भ में मरा बच्चा है, जिसके लिए ऑपरेशन करना पड़ेगा. जिसके बाद ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत हो गई, जबकि डॉक्टरों ने हार्ट अटैक को मौत का कारण बता रहे हैं.

23 वर्षीय महिला की मौत, डॉक्टरों ने मारी पलटी

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सैज सिलंगी गांव की भारती देवी (23 साल) के पेट में दर्द था जिसके बाद इलाज के लिए वो अपने के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पेट दर्द की शिकायत लेकर आई थी. वहीं जब डॉक्टरों ने महिला का चेकअप कर कहा कि मिहाल के पेट में पल रहा बच्चा मरा हुआ है. जिसके लिए ऑपरेशन करना पड़ेगा. जिससे जानने के बाद महिला के पति ने ऑपरेशन के लिए हामी भर दी, लेकिन ऑपरेशन के दौरान गर्भवती महिला की मौत हो गई.

वहीं ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने अपना पलड़ा झाड़ते हुए कहा कि आपरेशन काफी कठिन था, क्योंकि मृतका के पति के अनुसार, भारती देवी हार्ट की पेशेंट थी, महिला भारती देवी की मौत हार्ट अटैक होने से हुई है.





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