देहरादून : उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार ने दायित्व दारियों के वेतन में बढ़ोत्तरी कर दी है,जिसको लेकर विपक्ष के साथ कर्मचारी संगठन भी सरकार के इस फैसले पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

कर्मचारियों की मांगों को मानने के लिए सरकार आर्थिक तंगी का रोना रोती है-संगठन

उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार ने दायित्व धारियों को तोहफा देते हुए दायित्व धारियों के मानदेय के साथ भत्तों में भी बढ़ोतरी कर दी है, जिसकों लेकर कर्मचारी संगठन सरकार के इस फैसले से नाखुश हैं. कर्मचारियों का कहना कि कर्मचारियों की मांगों को मानने के लिए सरकार आर्थिक तंगी का रोना रोती है जबकि माननीय विधायक हों या अब दायित्व धारी के वेतन बढ़ोत्तरी में किसी तरह आर्थिंक तंगी सामने नहीं आ रही है।

सरकार ने किया दायित्वधारियों के म मानदेय और भत्तों में इजाफा 

राज्य सरकार ने 2 दिन पहले निगमों आयोगों और परिषदों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष-सलाहकार और राज्य मंत्री का दर्जा दिए गए लोगों के मानदेय और भत्तों में इजाफा कर दिया गया है, जिसके बाद मंत्री स्तर के दायित्वधारी को अब हर माह 20 हजार मानदेय भी मिलेगा, सीएम की हरी झंडी के बाद गोपन विभाग ने बकायदा मामले में आदेश भी जारी कर दिए है मामले पर सीएम त्रिवेंद्र रावत ने मीडिया के सवालों पर चुटकी लेते हुए कहा कि हर किसी की सैलरी बढ़ती है इसलिए दायित्व धारियों की सैलरी भी बढ़ाई गई है।शासकीय प्रवक्ता मदन कोशिक ने कहा की सरकार के पास सभी व्यवस्थाये मौजूद है. जिसमे सबके लिए सरकार कुछ न कुछ प्रबंध कर रही है, काबिना मंत्री मदन कोशिक ने कहा की सरकार के पास बजट की कमी नहीं है. सरकार सरलता के साथ काम कर रही है, जिसमे तनख्वा के साथ साथ माननीयो के लिए भी धन की व्यवस्था की गयी है.

सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी का बयान

दायित्व दारियों के वेतन बढ़ोतरी पर भले ही सरकार कुछ और तर्क दे रही है लेकिन सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी का कहना कि सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों में रोष है, क्योकि सरकार का कर्मचारियों और माननियों के प्रति रूख अलग-अलग है और इसी को देखते हुए राज्य के कर्मचारी संगठनों ने वर्ता बुलाई है, जिसमें कर्मचारियों की मांग को अनदेखा कर रही सरकार के खिलाफ आंदोलन पर जाने को लेकर रणनीति बनेगी।

विपक्ष का सरकार पर हमला

दायित्व धारियों का वेतन बढ़ाकर जहां सरकार ने दायित्व दारियों को खुश करने की कोशिश की…वहीं कर्मचारी सरकार के अस फैसले से नाराज हो गए तो वहीं विपक्ष में बैठी कांग्रेस को बैठे बिठाए एक बड़ा मुद्दा सरकार पर हमला करने को लेकर मिल गया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना कि सरकार को राज्य कर्मचारियों से वार्ता करनी चाहिए।

दायित्व धारियों को खुश करने के चक्कर में सरकार कर्मचारियों और विपक्ष के निशाने पर आ गई है. ऐसे में देखना ये होगा कि जब कर्मचारी संगठन इस बहाने अपनी मांगों को मनवाने को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश में लग गए हैं तो क्या सरकार कर्मचारियों की मांगो को पूरा कर उन्हे भी खुश करती है।





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