• महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ 
  • शून्य प्रतिशत ब्याज पर पांच लाख रु तक का ऋण उपलब्धः सीएम
देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
देहरादून । मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य के विकास की ठोस रूपरेखा तैयार है अब सिर्फ क्रियान्वयन पर ही फोकस किया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने मंगलवार को ग्राम रैनापुर रानीपोखरी में पूर्व विधायक व मंत्री स्व. राजेन्द्र शाह जी की पुण्य तिथि पर आयोजित श्रद्धाजंलि सभा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय जनता को सम्बोधित किया तथा अटल आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड वितरित किए।  
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड में महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रूपये तक का ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवाएगी। महिला शक्ति राज्य की रीढ़ है। महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिला स्वालम्बन को बढ़ावा देने के साथ ही राज्य की आर्थिकी को सुदृढ़ करना, अधिकाधिक रोजगार उपलब्ध करवाना व पलायन पर प्रभावी अंकुश लगाना संभव है। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य के तीन लाख किसान अभी तक 2 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण की योजना का लाभ ले चुके है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली योजना के तहत युवाओं को अधिकाधिक स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने हेतु 24 सीटर या इससे अधिक बसों के संचालन के लिए 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देने पर विचार किया जा रहा हैं। इसके तहत लाभार्थी को बस की कुल खरीद पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार राज्य के शहरों में होने वाले ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक निपटान व प्रबन्धन पर गम्भीरता से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में जल्द ही कूड़े से फयूल उत्पादन के लिए वेस्ट टू एनर्जी पलान्ट स्थापित करने के लिए भूमि चिहिन्त करने का कार्य किया जा रहा है। अपशिष्ट पदार्थो एविएशन फयूल बनाने की तकनीक नीदरलैण्ड से आयात की जा चुकी है। वेस्ट टू एनर्जी पलान्ट से शहरों के ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक व पर्यावरणीय हित में निपटान होने के साथ ही एविएशन फयूल उत्पादन होगा तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए विकल्प खुलेगे।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बताया देहरादून में स्थापित होने वाले सेन्ट्रल इन्सटीटयूट आफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एण्ड टेकनाॅलाॅजी (सीपैट) जो कि देश भर के राष्ट्रीय स्तर के 32 संस्थानों में है। सीपैट में दाखिला अखिल भारतीय प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से होगा। लेकिन सीपैट में 85 प्रतिशत सीटंे उत्तराखण्ड के छात्र-छात्राओं के लिए आरक्षित की गई है। यह देश के 32 राष्ट्रीय संस्थानों में पहला संस्थान है जिसमें किसी राज्य विशेष के छात्र-छात्राओं के लिए आरक्षित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीपैट 300 प्रतिशत रोजगार की गारण्टी देने वाला संस्थान है। आने वाले तीन वर्षो की भीतर ही इसके परिणाम दिखने लगेगे।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र व्यक्तिगत रूप से अटल आयुष्मान योजना के तहत बनने वाले गोल्डन कार्ड की अद्यतन रिपोर्ट प्रतिदिन अधिकारियों से लेते है। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य में गत सोमवार की शाम तक 446000 गोल्डन कार्ड बन चुके है। वर्तमान में औसतन 35000 दैनिक गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे है। सभी जिला अधिकारियों व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए है कि अटल आयुष्मान योजना के तहत बनने वाले गोल्डन कार्डो की साप्ताहिक समीक्षा की जाए। लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनवाने में प्रो एक्टिव अप्रोच के साथ काम किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्योंकि सरकार द्वारा इलाज का व्यय सीधा अस्पतालों को सीधा भुगतान किया जा रहा है अतः सभी अस्पताल अटल आयुष्मान योजना में सकारात्मक सहयोग दे रहे है। काॅमन सर्विस सेन्टर पर भी मात्र तीस रूपये का शुल्क देकर गोल्डन कार्ड बनाए जा सकते है जबकि सूचीबद्ध अस्पतालों में आरोग्य मित्रों की सहायता से यह निःशुल्क बनाए जा रहे है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य सरकार व केन्द्र सरकार के प्रयासों से राज्य में 16000 से अधिक विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों को मान्यता मिल गई है। सरकार द्वारा विशिष्ट बीटीसी संस्थानों को भी मान्यता देने की दिशा में कार्य किया जाएगा। डोईवाला क्षेत्र में फिल्म सिटी स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जिससे राज्य में फिल्मों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय प्रतिभाओं के लिए रोजगार व कैरियर के नए विकल्प ख्ुालेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में भी आर्थिक आधार पर सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण लागू करने हेतु अधिकारियों को विधिक कार्यवाही हेतु निर्देश दे दिए गए है।




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