• -तापमान माइनस 13 डिग्री होने से कार्य करने में हो रही दिक्कतें 
  • -बर्फ पिघलाकर पानी का किया जा रहा उपयोग 
देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
रुद्रप्रयाग । पिछले वर्षों की तुलना इस वर्ष केदारधाम में चारों ओर बर्फवारी का नजारा दिखाई दे रहा है। बर्फवारी से धाम की सुंदरता पर चार चांद लग गये है। ऊंची पहाड़ियों के साथ ही धाम में बर्फ ही बर्फ नजर आ रही है। इन दिनों धाम में शंकराचार्य समाधि स्थल के लिए खुदाई का कार्य, घाट के लिए मशीन से पत्थर काटने, तीर्थ पुरोहित भवन निर्माण, इंडेक्शन लोड ले जाने सहित अन्य कार्य गतिमान है, लेकिन बर्फवारी पुनर्निर्माण कार्य में बाधा उत्पन कर रही है। ऐसे में वैल्डिंग का कार्य तक नहीं हो पा रहा है।
निम के कैप्टन सोवन सिंह ने बताया कि दो दिनों से धाम में बर्फवारी हो रही है, जिससे तापमान माइनस 13 डिग्री चला गया है, जबकि चार फीट तक बर्फ धाम में जम चुकी है। केदारनाथ धाम में रह रहे मजदूर, कर्मचारी एवं अधिकारियों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। मंदाकिनी एवं सरस्वती नदियों में बर्फ जम चुकी है, जिससे बर्फ को पिघलाकर पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धाम में कार्य करना किसी चुनौती से कम नहीं है, बावजूइ इसके दिन-रात मेहनत कर कार्य किया जा रहा है। बर्फवारी से कार्य करने में अड़चने पैदा हो रही हैं, मगर बर्फवारी बंद होते ही कार्य की गति को तेज किया जा रहा है। 




0 comments:

Post a Comment

See More

 
Top