देहरादून :  उत्तराखंड का एक लाल ड्यूटी के दौरान देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गया। जी हां काशीपुर निवासी जसपाल सिंह रावत शहीद हो गए। आपको बता दें वह 41 वर्ष के थे। जसपाल सिंह 27 असम राइफल्स में हवलदार के पद पर तैनात थे जो कि 20 जनवरी को हाई टेंशन लाइन की चपेट में आ गए। आपको बताा दें कुछ ही महीनेे पहलेे उनकी नायब सूबेदार पद पर पदोन्नति हुई थी।

उनकी शहादत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी बेसुध है, पड़ोसी और रिश्तेदार परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं।

उनके करीबी रिश्तेदार नमन उनियाल ने मीडिया को सूचना दी कि 20 जनवरी की रात को सूचित किया कि जसपाल सिंह रावत ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए हैं। नमन ने बताया कि कुछ माह पहले नायब सुबेदार में उनकी पदोन्नति हुई थी।

बता दें कि पौड़ी गढ़वाल ,धुमाकोट ग्राम सागेडॉ निवासी 27 असम राइफल्स में हवलदार पद पर तैनात थे। 22 वर्ष पूर्व उनकी भर्ती शिलांग मेघालय से हुई थी।

मिली जानकारी के अनुसार डयूटी के दौरान वह एक स्थान से दूसरे स्थान को सीढ़ी लेकर जा रहे थे। हाई टेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। आज उनका पार्थिव शरीर काशीपुर लाया जाएगा।

शहीद हवलदार के पिता राजेंद्र सिंह वर्ष 1995 में 6 मेकेनाइज गढ़वाल राइफल्स से सेवानिवृत्त हुए थे। परिवार में पत्नी उर्मिला के अलावा तीन पुत्रियां मोनिका, सोनिका , अनामिका और पुत्र आकाश है। तीनो पुत्रियां शिवालिक होली माउंट व पुत्र मारिया असुम्पटा में पढ़ता है।वह मई 2018 में दो माह की छुट्टी पर घर आये थे। उन्होंने कुछ दिन पूर्व काशीपुर आने को छुट्टी के लिए आवेदन किया था। उनकी छुट्टी सेक्शन हो चुकी थी लेकिन वह घर आ पाते इससे पहले ही उनकी शहादत की खबर आ गयी।





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