देहरादून : सिक्के जमा करने के शौक से दून के संजीव कुमार जैन और उनकी पत्नी निधि जैन ने अपना नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज करा लिया है। केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 1884 के बाद 35 वर्ष में पांच रुपये के विभिन्न 74 सिक्के जारी किए गए। इस दंपति ने सभी सिक्कों को संजोकर रखा है। इसी के चलते इस दंपति का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है।

गुल्लक में सिक्के जमा करने का शौक

संजीव कुमार ने बताया कि उन्हें बचपन से गुल्लक में सिक्के जमा करने का शौक है। जब 1989 में उनका शादी हुई तो उनकी पत्नी निधि जैन बहुत सारे सिक्के लेकर आई थी। उन्होंने बताया कि  पत्नी को भी सिक्के जमा करने का शौक था। सबसे पहला सिक्का उनके  पास एक आने का है। 30 जून 2018 को उन्होंने सभी सिक्कों के फोटो खींचकर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड के लिए भेजे थे। जिसके बाद उनका चयन कर लिया गया।   संजीव कुमार जैन से बताया कि वह जब 15 साल के थे तब से वह कैरिकेचर बना रहे है। उन्होंने बताया कि अब तक उन्होंने 302 की रिंग में राजनैतिक व फिल्मी हस्तियों के कैरिकेचर बना चुके हैं। उनकी इस कला को भी लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड ने इस वर्ष दर्ज किया है।

निधि जैन ने बताया कि समय के साथ-साथ हर चीज में बदलाव आया है। इस बदलते परिवेश के चलते काफी कुछ पीछे छूट जाता है। इससे नई पीढ़ी वंचित रह जाती है। बताया कि आने वाली नई पीढ़ी के लिए उन्होंने सिक्कों का संग्रह किया हुआ है ताकि उन्हें भी इस सिक्कों की जानकारी मिल सके।

ये सिक्के हैं जमा

एक आना, पांच पैसे, 10 पैसे, 20 पैसे, 50 पैसे, एक रुपया, दो रुपये, पांच रुपये, 10 रुपये, 20 रुपये, 50 रुपये, 100 रुपये, 200 रुपये, 500 रुपये व 1000 रुपये।





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