देहरादून : रंगोली आंदोलन एक सामाजिक मुहिम के तहत समाजसेवी शशि भूषण मैठाणी और उनकी दो प्यारी बच्चियां द्वारा 1 जनवरी से लगातार बेसहारा लोगों की मदद की जा रही है. जिससे प्रदेश की जनता को अच्छा संदेश मिला औऱ इसके बाद लोगों ने और पत्रकारों ने भी आगे आकर इस मुहिम में इनका साथ दिया. अगर आप भी शशि भूषण मैठाणी की इस मुहिम में साथ देना चाहते हैं तो आप भी नीचे दिए गए नंबर पर फोन कर अपनी मदद दे सकते हैं.

शशि भूषण और उनकी बेटियों का ये काम काबिले तारीफ

जी हां दरअसल 1 जनवरी से हर रात शहर के अलग-अलग जगहों पर शशि भूषण मैठाणी और उनकी प्यारी दो बेटियां मनस्विनी मैठाणी और यशस्विनी मैठाणी सड़क के किनारे बेसहारा लोगों, बस्तियों में अस्पताल में जाकर गरम कपड़े, कम्बल और रजाईयां बांट रहे हैं. जिससे सरकार के साथ प्रदेश की जनता में भी अच्छा संदेश गया है. उनकी इस मुहिम को अब शहर वासियों का सहयोग मिलने लगा है. बड़ी संख्या में लोग उन्हें कपड़े कम्बल व रजाइयां भेंट कर रहे हैं. जो की काबिले तारीफ है.

गरीबों की मदद करके दिल को मिला सुकून, उसके आगे ये ठंड भी कम 

एक और जहां भरी सर्दी-ठंड में माता-पिता अपने बच्चों को घरों में रजाई-कंबल में गरमा-गरम खाना परोस रहे हैं और उन्हें घर से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं तो ऐसे में शशि भूषण अपने बच्चिों के साथ भरी सर्द रातों में गरीब-बेसहारा लोगों को रजाई-कंबल बांट रहे हैं. भले ही कुछ देर की ठंड वो झेल रहे हैं लेकिन गरीबों की मदद करके दिल को जो सुकून उनको मिला है उसके आगे ये ठंड भी कम है.

दोनों बच्चियों का काम लोगों के लिए मिसाल

शशि भूषण औऱ उनकी दोनों बच्चियों रात की कड़ाके की ठंड में गरीब बेसहाराओं की मदद करने और लोगों को सरकार को अच्छा संदेश देने का काम कर रहे हैं. शशि भूषण की दोनों छोटी बच्चियों का काम उस सभी लोगों के लिए मिशाल है जो अपने बच्चों को सिर्फ IAS-IPS बनाने की बात करते हुए समाजसेवा जैसे कामों से दूर रहने की बात करते हैं. बच्चियों का ये काम सच में काबिले तारीफ है.

गढ़वाली भाषा में समौण को कहा जाता है उपहार

वहीं इस मुहिम को और बड़ा करने के लिए अब उन्होंने मीडिया से भी सहयोग की अपेक्षा की है और प्रकाशित समाचार के मार्फ़त लोगों से अपील कि वह अपने घरों में पहनने व ओढ़ने योग्य गरम कपड़े गरीब व जरूरतमंद लोगों को ‘समौण’ (उपहार) में दें. आपको बता दें गढ़वाली भाषा में समौण किसी उपहार को कहा जाता है.

वहीं समाजसेवी शशि भूषण मैठाणी ने इसे ‘समौण  इंसानियत की’ नाम दिया है. जिसमे उनकी बेटियों ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया औऱ गरीब बेसाहार लोगों की दुआएं पाई. समाजसेवी मैठाणी ने कहा कि इस भयानक ठण्ड में ठिठुरते लोगों को गरम कपड़े भेंट करना किसी को जीवनदान देने से कम नहीं है.

अभी तक इन-इन से मिली समौण

डॉ0 महेश कुड़ियाल- 15 नई कम्बल, कुमकुम जैन डालनवाला- 3 रजाइयां, दीपक काम्बोज व दीपा काम्बोज  व्यवसायी- एक दर्जन बच्चों के स्वेटर, तीन कम्बल, 6 पेंट बड़ों के लिए, 6 टोपी , दो दर्जन मौजे, प्रदीप रावत पत्रकार – एक बोरी गरम कपड़े अपने मौहल्ले से एकत्रित करके लाए, अरुण कुमार सरकारी कर्मचारी – एक दर्जन स्वेटर, इसी तरह से लगातार लोगों के फोन आ रहे हैं और वह घर पर बुलाकर कपड़े *समौण* (उपहार) में दे रहे हैं.

वहीं शशि भूषण का कहना है कि इस मुहिम में अगर पत्रकार बंधुवों के परिवार ज्यादा से ज्यादा आगे आ अगर इस मुहिम साथ आएंगे तो अच्छा लगेगा

इन नंबरों पर फोन कर करें मदद

अगर आप भी समाजसेवी शशि के द्वारा गरीब-बेसहारा लोगों की मदद करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए नंबर पर फोन घुमाईये और मदद कीजिए. ये हैं नंबर-

  1. 9756838527
  2. 2.7060214681





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