मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को 1932 में स्थापित राजकीय इण्टर काॅलेज, जयहरीखाल (पौड़ी) का निरीक्षण किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश के बच्चे शिक्षा के हर क्षेत्र में आगे आ सके, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा एक अभिनव पहल की जा रही है. इसके तहत गढ़वाल एवं कुमाऊं मण्डल में एकएक आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय विद्यालय खोलने की योजना है. गढ़वाल मण्डल में जयहरीखाल में विद्यालय के लिए स्थान उपलब्ध हो गया है. उन्होंने कहा कि जयहरीखाल में बनने वाला आवासीय विद्यालय आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा तथा इसमें समाज के सभी वर्गों के मेधावी छात्रछात्राओं को प्रवेश मिलेगा तथा इसका शुल्क उनके अभिभावकों की आय के हिसाब से निर्धारित किया जायेगा, जबकि जिनके अभिभावकों की कोई इनकम नही है, किन्तु उनके बच्चे मेधावी है, उनको भी निःशुल्क शिक्षा मुहैया करायी जाएगी, ताकि वे किसी भी प्रतियोगिता में अपना बेहतर प्रदर्शन कर सकें.

उन्होंने कहा कि कोशिश ये रहेगी कि पूरे देश के अलगअलग राज्यों से भी 1015 प्रतिशत बच्चे इन विद्यालयों में आयें ताकि इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे देशप्रदेश की भी जानकारी प्राप्त कर सकें. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का नारा है ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ‘ और उसके तहत बेटियों की शिक्षा एवं उनके जन्म दर में बढ़ोत्तरी हुई है. बेटियों को बेटों की अपेक्षा कभी कम नहीं आंकना चाहिए. जो लोग सामाजिक कुरितियों के कारण बेटियों को मुख्यधारा में आने से रोकते हैं, वे समाज के दुश्मन है. उन्होंने पौड़ी की रहने वाली वर्तिका जोशी की मिशाल देते हुए कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में आगे आकर बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रही है. उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा अशिक्षित न रहे, ये हमारा संकल्प और सोच है. मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने जयहरीखाल में विक्की रावत द्वारा संचालित होमस्टे का शुभारम्भ कर इस योजना का भी निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए होमस्टे एक अच्छा विकल्प है और इसके लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2020 तक 5000 होमस्टे बनाने का लक्ष्य रखा है. उन्होंने कहा कि वर्तमान पर्यटन नीति में एमएसएमई के अन्र्तगत जो भी सुविधाएं है, वे अब होमस्टे को मिलेंगी.

इसके अलावा राज्य सरकार होमस्टे को प्रोत्साहन दिये जाने हेतु घरेलू विद्युत दर दिये जाने का फैसला कर रही है. उन्होंने कहा कि पिछले 23 सालों का आंकड़ा देखा जाये, तो उत्तराखण्ड में पर्यटकों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है तथा उत्तराखण्ड पर्यटन हब बनने जा रहा है. उन्होनंे कहा कि प्रदेश की इनकम का स्रोत पर्यटन है और पर्यटन की दृष्टि से यहां पर होमस्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने चमोलीसैंण सतपुली में हंस फाउण्डेशन द्वारा निर्मित हंस फाउण्डेशन हाॅस्पिटल का भी निरीक्षण कर हाॅस्पिटल द्वारा दी जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की. उन्होंने कहा कि हंस फाउण्डेशन द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहयोग दिया जा रहा है. उनके द्वारा उत्तराखण्ड में लगभग 500 करोड़ की जनहित से जुड़ी योजनायें संचालित की जा रही है.

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जयहरीखाल और लैंसडोन के 56 गांवो को अच्छादित करने वाली भैरवगढ़ी पेयजल योजना के लिए 20 करोड़ रूपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है, जल्द ही इससे क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति शुरू हो जायेगी. उन्होंने कहा कि सतमुण्डा गांव में एक झील बनायी जायेगी ताकि जरूरत पड़ने पर क्षेत्र में होने वाली पानी की कमी को दूर किया जा सके. इस मौके पर लैंसडोन विधायक दिलीप सिंह रावत, सचिव पर्यटन एवं सूचना दिलीप जवालकर, जिलाधिकारी धीराज सिंह गब्र्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर, जिलाध्यक्ष भाजपा शैलेंद्र सिंह बिष्ट, हंस फाउण्डेशन के सी.ई.ओ. जनरल एस.एम. मेहता, विद्यालय के प्रधानाचार्य नेगी सहित जनप्रतिनिधि आम जनता उपस्थित थी.





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