उत्तराखंड सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्री डाॅ. हरक सिंह रावत ने एफटीआई के शताब्दी हाॅल में वन तथा खनन विभाग के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली. बैठक डाॅ.रावत ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सरकार का नज़रिया पूरी तरह से साफ व स्पष्ट है कि जनता को उप खनिज सस्ता मिले व बाजार भाव न बढ़े, नियमानुसार पूरी पारदर्शिता से उप खनिज का चुगान हो. उन्होंने कहा कि उप खनिज के चुगान का कार्य इस प्रकार किया जाये कि पर्यावरण को नुकसान न हो तथा राज्य सरकार के राजस्व में वृद्धि भी हो.

उन्होंने अवैध खनन पर अंकुश लगाने तथा अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए कहा कि अवैध खनन से राज्य सरकार को राजस्व की हानि होने के साथ ही अनियोजित ढंग से किया गया खनन पर्यावरण को भी नुकसान पहुॅचाता है. उन्होंने नदियों में खनन क्षमता के अनुसार ही खनन कराने के निर्देश दिये. डाॅ.रावत ने कहा कि वन विभाग व वन निगम की गतिविधियाॅ जनहित के कार्य में प्राथमिकता से संचालित होनी चाहिए तथा विकास कार्य बाधित नहीं होने चाहिए. उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि हमारा सामाजिक दायित्व है कि खनन कार्य करने वाले मजदूरों को नियमानुसार समय से पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करायी जायें.

उन्होंने अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग, वन निगम तथा खनन विभाग के अधिकारियों को आपसी तालमेल से कार्य करने के निर्देश दिये. उन्होंने खनन हेतु वाहन पंजीकरण का कार्य पूरी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता से करने के निर्देश दिये. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बाजार में उप खनिज की बिक्री में प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए ताकि जनता को अपने भवन निर्माण के लिए उप खनिज सस्ता व आसानी से मिल सके. उन्होंने इस कार्य हेतु विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिये. इससे पूर्व डाॅ.रावत ने रामपुर रोड पर 436 लाख 61 हजार की लागत से नव निर्मित वन विभाग के अरण्य भवन  का लोकार्पण किया.

नव निर्मित अरण्य भवन में अपर प्रमुख वन संरक्षक कार्यालय, मुख्य वन संरक्षक कार्य योजना कार्यालय, वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त कार्यालय संचालित किये जायेंगे. लोकार्पण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नेता प्रतिक्ष डाॅ.इन्दिरा हृदयेश ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए जनहित एवं सामूहिक हित में कार्य करें. उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी विकास से जुड़े कार्यों में विशेष रूचि लेते हुए कार्य करें. उन्होंने कहा कि राज्य में वनों का क्षेत्रफल अधिक होने कारण वन विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी व दायित्व भी बड़े हैं. उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी विकास की सोच रखते हुए जनहित में कार्य करें.

 





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