सुप्रीमकोर्ट के न्यायाधीश, न्यायमूर्ति ए.के. सीकरी के राष्ट्रमंडल न्यायाधिकरण के लिए नामित होने की खबर आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राफेल घोटाले को छिपाने के लिए प्रमुख संस्थानों को नष्ट करने का आरोप लगाया.

सीकरी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) निदेशक आलोक वर्मा को हटाने के लिए केंद्र सरकार के पक्ष में वोट दिया था. सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने लंदन स्थित राष्ट्रमंडल सचिवालय पंचाट न्यायाधिकरण (सीसेट) के अध्यक्ष/सदस्य के प्रतिष्ठित पद के लिए न्यायमूर्ति सीकरी को नामित किया था.

नामांकन की खबरें आने के बाद न्यायमूर्ति सीकरी ने पद के लिए अपनी इच्छा बदल इससे मना कर दिया.

सुप्रीमकोर्ट के न्यायाधीश को सेवानिवृत्ति के बाद के लिए प्रस्ताव से संबंधित मीडिया खबर को टैग करते हुए गांधी ने कहा, “प्रधानमंत्री राफेल घोटाले को छिपाने के लिए कहीं नहीं रुकेंगे, कहीं भी अड़ंगा लगाएंगे और सब नष्ट कर देंगे. वे डरे हुए हैं. यह डर ही है जिसने उन्हें भ्रष्ट बनाया है और सभी प्रमुख संस्थाएं नष्ट कर दी हैं.”

सीकरी नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उस तीन सदस्यीय समिति का हिस्सा थे, जिसने गुरुवार को सीबीआई प्रमुख वर्मा को उनके पद से हटाने का निर्णय लिया था. प्रधानमंत्री मोदी और न्यायमूर्ति सीकरी ने वर्मा को हटाने के पक्ष में वोट दिया, जबकि समिति के तीसरे सदस्य लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने वर्मा को हटाए जाने के खिलाफ वोट दिया था.





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