रविवार (27 जनवरी) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 52वीं बार रेडियो पर मन की बात कही. पीएम मोदी का यह एपीसोड देश के 70वें गणतंत्र दिवस के ठीक एक दिन बाद और आगामी बोर्ड एग्जाम के ठीक पहले प्रसारित हुआ. बता दें कि पीएम मोदी देशवासियों से 2019 की पहली ‘मन की बात’ कही. पीएम मोदी ने कर्नाटक के संत सिद्धगंगा मठ के प्रमुख शिवकुमार स्वामी के निधन पर शोक व्यक्त किया. आइए जानते हैं कि मन की बात के जरिए पीएम मोदी ने क्या-क्या कहा…

उन्होने कहा कि सुभाष बाबू को हमेशा एक वीर सैनिक और कुशल संगठनकर्ता के रूप में याद किया जाएगा. एक ऐसा वीर सैनिक जिसने आज़ादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई. “दिल्ली चलो”, “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आज़ादी दूंगा”, जैसे ओजस्वी नारों से नेताजी ने हर भारतीय के दिल में जगह बनाई. कई वर्षों तक यह माँग रही कि नेताजी से जुड़े दस्तावेज़ को सार्वजनिक किया जाए और मुझे इस बात की ख़ुशी है, यह काम हम लोग कर पाए.

पीएम मोदी ने कहा कि इस साल हमारे देश में लोकसभा के चुनाव होंगे, यह पहला अवसर होगा जहाँ 21वीं सदी में जन्मे युवा लोकसभा चुनावों में अपने मत का उपयोग करेंगे. अब वो देश में निर्णय प्रक्रिया के हिस्सेदार बनने जा रहे हैं. ख़ुद के सपनों को, देश के सपनों के साथ जोड़ने का समय आ चुका है.

पीएम मोदी ने भारत की इस महान धरती ने कई सारे महापुरुषों को जन्म दिया है और उन महापुरुषों ने मानवता के लिए कुछ अद्भुत, अविस्मरणीय कार्य किये हैं. हमारा देश बहुरत्ना-वसुंधरा है. ऐसे महापुरुषों में से एक थे. सुभाष चंद्र बोस

उन्होंने कहा कि जब मैं लाल किले में, क्रान्ति मंदिर में नेताजी से जुड़ी यादों के दर्शन कर रहा था तब मुझे नेताजी के परिवार के सदस्यों ने बहुत ही ख़ास टोपी भेंट की. कभी नेताजी उस टोपी को पहना करते थे. मैंने संग्रहालय में ही, उस टोपी को रखवा दिया, जिससे वहाँ आने वाले लोग भी उस टोपी को देखें.

पीएम मोदी ने कहा कि 25 जनवरी को चुनाव आयोग का स्थापना दिवस था, जिसे #NationalVotersDay के रूप में मनाया जाता है. भारत में बड़े पैमाने पर चुनाव का आयोजन हमारा चुनाव आयोग करता है जिसे देखकर प्रत्येक देशवासी को चुनाव आयोग पर गर्व होना स्वाभाविक है”. पीएम मोदी ने कहा कि जहाँ एक ओर हिमाचल प्रदेश में समुद्र तल से 15,000 फीट की ऊँचाई वाले क्षेत्र में भी मतदान केंद्र स्थापित किया जाता है, तो वहीं अंडमान और निकोबार के द्वीप समूह में दूर-दराज के द्वीपों में भी वोटिंग की व्यवस्था की जाती है.

पीएम मोदी ने कहा कि बीती 21 तारीख को एक शोक का समाचार मिला. कर्नाटक में टुमकुर जिले के श्री सिद्धगंगा मठ के डॉक्टर श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामी जी हमारे बीच नहीं रहे. स्वामी जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज-सेवा में समर्पित किया था.

उन्होंने कहा कि स्वामी जी के जीवन में यह प्राथमिकता रहती थी कि लोगों को भोजन, आश्रय, शिक्षा और आध्यात्मिक ज्ञान मिले तथा किसानों का हर तरह से कल्याण हो. सिद्धगंगा मठ नियमित रूप से पशु और कृषि मेलों का भी आयोजन करता था.





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