उत्तराखंड में इन दिनों भारी बर्फबारी हो रही है. रास्ते जाम हैं. जो गाड़ी जहां रूकी वहीं रूकी रह गई. लेकिन इसी बीच एक प्यारी सी खबर आती है. रुद्रप्रयाग के माकू मठ में शुक्रवार यानी 25 जनवरी के दिन एक बारात निकली. वो बारात लेकर निकले और बर्फबारी होने लगी. रास्ते बंदे लेकिन वो थमे नहीं.

दुल्हन लेने के लिए दूल्हों के किस्से-कारनामे तो आपने खूब सुने होंगे, लेकिन उत्तराखंड में पहाड़ी दूल्हे ने अपनी दुल्हन तक पहुंचने के लिए जो किया, उसे सुनकर आप भी वाह-वाह कर उठेंगे. इस पहाड़ी दूल्हे ने अपनी दुल्हन तक पहुंचने के लिए बर्फीले रास्ते पर 6 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी पैदल चल कर तय की. इस दौरान लगातार बर्फ गिर रही थी, बाराती ठंड से कंपकंपा रहे थे, लेकिन दुल्हन के घर तक पहुंचने के उत्साह ने इन परेशानियों को उन पर हावी नहीं होने दिया.

त्रियुगीनारायण से मक्कूमठ पहुंचे दूल्हे ने बारातियों समेत भारी बर्फबारी के बीच 6 किलोमीटर से ज्यादा दूरी का सफर पैदल तय किया. दुल्हन को वापस ससुराल लाते वक्त भी इसी तरह की स्थिति बनी रही. इस दौरान पूरे रास्ते पर बर्फ जमी थी. त्रियुगीनारायण गांव में रहने वाले रजनीश कुर्मांचली की शादी मक्कूमठ गांव की रहने वाली शिक्षा के साथ हुई. इन दिनों क्योंकि उत्तराखंड में भारी बर्फबारी हो रही है, ऐसे में नव विवाहित जोड़े को बर्फ के बीच मीलों का सफर पैदल तय करना पड़ा.

शुक्रवार को त्रियुगीनारायण गांव से रजनीश की बारात ने मक्कूमठ के लिए प्रस्थान किया, लेकिन सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मोटर मार्ग पिछले 5 दिन से बंद होने के कारण उन्हें पुराने पैदल रास्ते के जरिए दुल्हन के गांव तक जाना पड़ा. इस दौरान दूल्हे और बारातियों ने बर्फबारी का खूब मजा लिया और जमकर सेल्फी खींची. शादी की रस्मों के दौरान भी बर्फबारी होती रही. दुल्हन को वापस लाते वक्त भी यही स्थिति बनी रही. बारात रात 8 बजे दुल्हन को साथ लेकर वापस सोनप्रयाग पहुंची, जहां से बर्फ में पैदल चलकर दुल्हन अपने ससुराल त्रियुगीनारायण गांव पहुंची.





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