• पर्यटकों ने पहुंचकर लिया हिमपात का मज़ा

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून । उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार तीसरे दिन भी बिगड़ा हुआ रहा । उत्तराखंड में स्थित चारधाम समेत ऊंची चोटियों में जहां बारिश और बर्फबारी सहित शीतलहर का प्रकोप दौर जारी है, मसूरी और ऋषिकेश में बुधवार सुबह जमकर ओले गिरने से समूचा उत्तराखंड शीतलहर की चपेट में आ गया। वहीं, दूसरे दिन भी जिला प्रशासन ने अधिकांश जनपदों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है।  सोमवार शाम से शुरू हुआ बर्फबारी और बारिश का क्रम बुधवार सुबह भी जारी रहा। गढ़वाल और कुमाऊं की पहाड़ियां बर्फ से लकदक हो गई हैं।पिछले वर्ष के लंबे इंतजार के बाद इसबार मसूरी और चकराता सहित धनोल्टी में पर्यटकों ने पहुंचकर हिमपात का मज़ा लिया। 

बुधवार की सुबह भी चमोली  जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम खराब रहा। रुक-रुककर बारिश के साथ ही ऊंची चोटियों में हिमपात हो रहा है। रुद्रप्रयाग जिले में भी यही स्थिति है। केदारनाथ व ऊंची पहाड़ियों में बर्फबारी का दौर जारी है। वहीं, गढ़वाल के अन्य जिलों के साथ ही देहरादून में बारिश का दौर जारी है। 

वहीँ आज मसूरी में सुबह बारिश के साथ ओले भी गिरे। वहीं, पूरी रात मसूरी धनोल्टी रोड से बर्फ में फंसे 150 से अधिक वाहनों को निकाला गया। मसूरी पुलिस का कहना है कि मसूरी और सुवाखोली के बीच अभी भी कुछ लोकल और पर्यटकों के वाहन सड़क किनारे खड़े हैं। ऋषिकेश नगर के साथ ही  ग्रामीण क्षेत्र में सुबह जोरदार ओलावृष्टि हुई। रानीपोखरी में ओलों सड़कें और खेत सफेद चादर में तब्दील हो गए। नैनीताल और लैंसडौन में भी सुबह के समय जमकर ओले गिरे। 
प्रदेश में पांच साल में यह पहला मौका है जब मसूरी शहर में आधा फीट से ज्यादा हिमपात हुआ है। इससे पहले वर्ष 2014 में 14 जनवरी को एक फीट बर्फ गिरी थी। इतना ही नहीं उत्तरकाशी व बड़कोट कस्बे में आठ और पौड़ी में छह साल बाद बर्फ गिरी है। बर्फ की फुहारें देख पर्यटक रोमांचित हो उठे। नैनीताल के आसपास की पहाडिय़ां भी बर्फ से लकदक हैं, वहीं शहर में भी बर्फबारी के आसार बन रहे हैं। 





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