डॉलर में आई मजबूती से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इस सप्ताह के आखिर में सोने और चांदी की चमक फीकी पड़ गई. विदेशी बाजार में महंगी धातुओं की कीमतों पर आए दबाव से घरेलू वायदा में सोने और चांदी में नरमी का रुख बना रहा.

बुलियन बाजार विश्लेषकों ने बताया कि इस सप्ताह अंतर्राष्ट्रीय पटल पर हुए घटनाक्रमों से डॉलर में मजबूती रही, शेयर बाजार में भी तेजी का रुख रहा, जिससे सोने में सुरक्षित निवेश के प्रति निवेशकों का रुझान कम हुआ.

इसके अलावा मुनाफावसूली का भी दबाव बना रहा. चीन और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव दूर करने की दिशा में किए जा रहे प्रयास से शेयर बाजारों में सकारात्मक रुझान बना.

इसके अलावा ब्रेक्सिट के मसले को लेकर ब्रिटेन में रही उहापोह की स्थिति का भी असर देखने को मिला. विश्लेषकों ने बताया कि अमेरिका में ट्रेजरी बांड के फायदेमंद होने से डॉलर को सपोर्ट मिला.

अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स पर पिछले सप्ताह के मुकाबले पीली धातु की फरवरी डिलीवरी का अनुबंध करीब 8.45 डॉलर यानी 0.65 फीसदी की कमजोरी के साथ 1,281.15 डॉलर प्रति औंस बंद हुआ जबकि पिछले सत्र के मुकाबले 11.15 डॉलर यानी 0.86 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. चार जनवरी को सोना कॉमेक्स पर 1,300.04 डॉलर प्रति औंस तक उछला था.

चांदी का मार्च डिलीवरी अनुबंध 1.15 फीसदी की कमजोरी के साथ 15.35 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ और पिछले सप्ताह के मुकाबले करीब 30 सेंट प्रति औंस की गिरावट दर्ज की गई.

भारतीय वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर सोने का फरवरी एक्सपायरी अनुबंध शुक्रवार को पिछले सत्र के मुकाबले 172 रुपये की कमजोरी के साथ 32,096 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. चांदी का मार्च सौदा 219 रुपये की गिरावट के साथ 39,181 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ.

डॉलर में आई मजबूती से डॉलर इंडेक्स 0.32 फीसदी की बढ़त के साथ 96.020 पर बंद हुआ जो करीब दो सप्ताह का ऊंचा स्तर है. इससे पहले चार जनवरी को डॉलर इंडेक्स 96 के स्तर से ऊपर गया था.

डॉलर इंडेक्स में लगातार चार दिनों से बढ़त का सिलसिला जारी रहा.





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