हल्द्वानी : उत्तराखंड परिवहन निगम लम्बे समय से करोड़ों के घाटे से जूझ रहा है, परिवहन विभाग के लगातार घाटे में जाने के चलते निगम  के अधिकारी भी अब चिंतित हैं। परिवहन निगम के हालात आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपैया जैसे हो गये हैं। परिवहन विभाग के कर्मचारी वेतन वृद्धि सहित कई मांगों को लेकर बार-बार हड़ताल की धमकी देते रहते है। ऐसे में अब अधिकारी भी परिवहन निगम को घाटे से उबारने के लिए वेतन सहित अन्य खर्च में कटौती का मन बना रहा है साथ ही बसों में बिना टिकट यात्रियों की चेकिंग की जाएगी जिससे कोई भी बिना टिकट यात्रा न कर सके। विभाग की आय में कैसे बढ़ोतरी हो इसके लिए भी प्रयास किये जा रहे है।

भरपाई के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है-परिवहन सचिव

परिवहन सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि परिवहन विभाग को सबसे ज्यादा नुकसान पर्वतीय क्षेत्रो में चलने वाली बसों से होता है जिसकी भरपाई के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। विभाग का सबसे ज्यादा खर्च प्रशासनिक और वेतन में होता है ऐसे में घाटे से उबारने के लिए खर्चे की कटौती करने की जरूरत है। परिवहन सचिव ने कहा कि प्रदेश में नई बसें खरीदी जा रही है जिसके लिए वित्त विभाग मदद कर रहा है। नई बसे आ जाने के बाद पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रो तक बसें चल पाएंगी।

गौरतलब है कि उत्तराखंड परिवहन निगम आय से अधिक खर्च होने से हमेशा सरकार पर ही निर्भर रहता है ऐसे में निगम के कर्मचारियों को कई- कई महीने तक वेतन के लाले पड़ जाते हैं जिसके बाद परिवहन विभाग अब अपनी आय बढ़ाने के लिए नए तरीके ढूंढ रहा है।





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