शुक्रवार को रेणुकाजी बांध बहुउद्देश्‍यीय परियोजना के लिए उत्‍तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्‍थान और उत्‍तराखंड के बीच समझौते पर हस्‍ताक्षर हुए.

परियोजना का उद्देश्‍य इन राज्‍यों की पेयजल आवश्‍यकता पूरी करना है. जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में नई दिल्‍ली में समझौते पर हस्‍ताक्षर किए. इस अवसर पर इन छह राज्‍यों के मुख्‍यमंत्री भी उपस्थित रहें.

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर इस बांध का निर्माण प्रस्तावित है. 1100 से अधिक परिवारों के विस्थापन की समस्या का समाधान होने के बाद पर्यावरण प्रदूषण का पेंच फंस गया था. पर्यावरण संबंधी एनओसी मिलने के बाद हिस्सेदारी को लेकर अपर यमुना बेसिन के चार राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली के बीच विवाद पैदा हो गया. केन्द्र सरकार के हस्तक्षेप से इस विवाद का निदान हो गया है. केन्द्र ने बांध के निर्माण में 90 फीसदी खर्च देना स्वीकार कर लिया है.

विद्युत उत्पादन पर आने वाला पूरा खर्च दिल्ली सरकार वहन करेगी. उत्पादित बिजली पर हिमाचल प्रदेश का अधिकार होगा. परियोजना के जल पर दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड की हिस्सेदारी होगी.





0 comments:

Post a Comment

See More

 
Top