केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए विपक्ष ने सोमवार को कहा कि नागपुर के राजनेता की नजर प्रधानमंत्री की कुर्सी पर है. गडकरी ने कहा कि जो राजनेता वादों को पूरा नहीं करते हैं, जनता उन्हें नकार देती है. विपक्ष ने कहा कि यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला है.

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने संवाददाताओं से कहा, “स्पष्ट है कि गडकरी की नजर प्रधानमंत्री की कुर्सी पर है और उनका बयान मोदी को इंगित करता है.”

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि गडकरी खुद को मोदी के विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी सत्ता में वापसी को लेकर पक्का विश्वास नहीं है.

मोदी को संबोधित एक ट्वीट में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि गडकरी आपको आइना दिखा रहे हैं वह भी काफी परिष्कृत रूप से. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रवक्ता सुधींद्र भदौरिया ने कहा कि गडकरी द्वारा सीधा हमला होने पर भी मोदी चुप हैं.

गडकरी ने रविवार को मुंबई में कहा,”जो राजनेता सपनों को पूरा नहीं करते हैं और वे गप मारते हैं जनता उनको बुरी तरह हरा देती है.” उन्होंने कहा कि वह उनलोगों में शामिल नहीं हैं जो सपने दिखाते हैं और वह वादे ही करते हैं.

पिछले साल दिसंबर में राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार पर उन्होंने कहा था कि नेतृत्व को विफलता की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. गडकरी के हालिया बयान को विपक्ष मोदी के लिए सीधा संदेश के रूप में देखता है.

उधर, भाजपा प्रवक्ता जी.वी.एल. नरसिम्हा राव ने कहा कि गडकरी का इशारा कांग्रेस की तरफ था जिसने गरीबी हटाओं को नारा दिया लेकिन गरीबी दूर करने के लिए कुछ नहीं किया. उन्होंने कहा कि यह बयान राहुल गांधी को लेकर था जो खाली वादे करते हैं. हालांकि तिवारी ने भाजपा के बचाव को खारिज कर दिया.





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