फॉक्सवैगन ग्रुप ने पिम्परी- चिंचवाड़ आईटीआई, पुणे को एक नया आधुनिक वेल्डिंग सिम्युलेटर- सोल्डामैटिक दान करते हुए कुशल कार्यबल निर्मित करने की अपनी प्रतिबद्धता की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाया है. इससे संस्थान की प्रशिक्षण अधोसंरचना ज्यदा बेहतर और मजबूत होगी.

फॉक्सवैगन ग्रुप इंडिया ने आईटीआई, पिम्परी- चिंचवाड़ को पाँच वर्ष की अवधि में 2 करोड़ रू. का वचन दिया है, जिसका निवेश चरणबद्ध तरीके से आईटीआई की सर्वांगीण सुविधा के विकास में किया जाएगा. पढ़ाने के साधनों, फैकल्टी एवं स्टाफ के विकास, अधोसंरचना विकास और विद्यार्थियों के प्रशिक्षण पर अब तक 80 लाख रू. से अधिक खर्च हो चुका है. संस्थान को उन्नत करने के लिये कंपनी का नवीनतम निवेश नई सोल्डामैटिक वेल्डिंग सिम्युलेटर में हुआ है, जिसका मूल्य लगभग 16 लाख रूपये से अधिक है.

सोल्डामैटिक एक टर्नकी वेल्डिंग सिम्युलेटर है. वेल्डिंग हेलमेट में लगे सेंसर्स और डिस्प्ले के माध्यम से सोल्डामैटिक पीवीसी वर्कपीस और टॉर्च पर क्यूआर कोड पढ़ सकता है. ऐप्लीकेशन में 3डी छवि आती है, ताकि प्रशिक्षण लेने वाले को सिम्युलेटेड वातावरण और वेल्ड दिखे, जो यूजर के कार्य पर प्रतिक्रिया देते हैं. सिम्युलेशन का डिस्प्ले होता है, ताकि निरीक्षक स्टूडेंट की प्रगति जान सके. सोल्डामैटिक को पीसी या मोबाइल से जोड़ा जा सकता है, यह निर्देश सामग्री, कक्षा प्रबंधन और टेस्टिंग टूल्स प्रदान करता है. यह स्टूडेंट्स को गेम जैसा इंटरफेस देता है और मूल्यांकन के लिये प्रभावी टूल के रूप में कार्य करता है, और कक्षा प्रबंधन की समस्याओं को कम करता है. मैनुअल डेक्सटेरिटी गाइड से स्टूडेंट्स को मसल मेमोरी और मैनुअल डेक्सटेरिटी मिलती है.

इस वेल्डिंग सिम्युलेटर के इंस्टालेशन के बाद अब निवेश समर्पित वेबिनार कक्षों, ई-लर्निंग मॉड्यूल्स, हाई स्पीड इंटरनेट के इंस्टालेशन, कैम्पस की लैण्डस्केपिंग और सुंदरीकरण और सुविधाओं, जैसे लाइब्रेरी, कैन्टीन, आदि के सुधार पर किया जाएगा. कोर्स पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण अवसंरचना की पुनःसमीक्षा की जाएगी और ऑटोमोबाइल बाजार में प्रौद्योगिकी परिवर्तन के आधार पर अपडेट किया जाएगा.

उद्घाटन के अवसर पर फॉक्सवैगन ग्रुप इंडिया के प्रमुख श्री गुरप्रताप बोपाराय ने कहा, ‘‘ऑटोमोबाइल उद्योग प्रौद्योगिकी के लिहाज से बड़ी तरक्की कर रहा है. फॉक्सवैगन में हमारा लक्ष्य अपने उत्पादन और प्रशिक्षण में यह तरक्की लाना है.’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘इस नये वेल्डिंग सिम्युलेटर से प्रशिक्षण लेने वालों को लाइव प्रोजेक्ट साइट से अधिक सुरक्षित वातावरण में सीखने का मौका मिलेगा. स्टूडेंट्स को मसल मेमोरी मिलेगी और वह महंगे वेल्डिंग मैटीरियल का उपयोग करने से पहले गलतियों से सीखेंगे. यह वेल्डिंग स्टिम्युलेटर्स के क्षेत्र का बड़ा विकास है और फॉक्सवैगन अकादमी में हम आईटीआई स्टूडेंट्स को नवीनतम प्रौद्योगिकी प्रदान कर प्रसन्न हैं. हम वेल्डिंग ट्रेड के अलावा अन्य व्यवसायों में भी यह प्रशिक्षण मॉड्यूल लाना चाहते हैं, और हमारा मकसद स्टूडेंट्स को मल्टीटास्किंग से सुसज्जित बनाना है.’’

इस पहल से आईटीआई से ग्रैजुएट करने वाले स्टूडेंट्स की रोजगारशीलता बढ़ेगी, और वे, जो उत्पादन क्षेत्र में काम करना चाहते हैं. इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रेजुएट्स को वास्तविक कार्य के वातावरण में व्यवहारिक ज्ञान लेने का मौका मिल रहा है. फॉक्सवैगन शिक्षा की गुणवत्ता के लिये प्रतिबद्ध है और इसलिये देश के विभिन्न संस्थानों के साथ गठबंधन किये गये हैं, ताकि ऐसे कोर्स मॉड्यूल विकसित किये जा सकें, जो ऑटो उद्योग के शॉप फ्लोर की मांग के अनुसार हों.

फॉक्सवैगन एकेडमी के विषय में : फॉक्सवैगन इंडिया ने वर्ष 2013 में फॉक्सवैगन एकेडमी की स्थापना की थी. एकेडमी द्वारा फॉक्सवैगन ग्रुप और इसके चैनल साझीदारों को तकनीकी एवं गैर-तकनीकी प्रशिक्षण समाधान उपलब्ध कराये जाते हैं. इसके अतिरिक्त, इसका उद्देश्य योग्य श्रमबल के लिये फॉक्सवैगन ग्रुप के विभिन्न ब्रांडों की प्रशिक्षण मांग को पूरा करना और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स के लिये एक तैयार श्रमबल का निर्माण करना था. एकेडमी द्वारा एक अनूठे टेक्नीकल एप्रेंटिस प्रोग्राम (वीजी-टीएपी) का भी संचालन किया जाता है. इसका लक्ष्य ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिये क्वालिटी टैलेंट पूल का निर्माण करना और डीलरशिप स्तर पर सप्लीमेंट जरूरतों को भी पूरा करना है.





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