देहरादून : उत्तराखंड की संस्कृति को बचाने के लिए और उत्तराखंड के त्यौहारों के अस्तित्व बचाए रखने के लिए सीएम के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट ने प्रदेश की जनता को एक अच्छा संदेश दिया. औऱ खास बात ये है कि रमेश भट्ट ने ये संदेश उत्तराखंड की जनता को पहाड़ी भाषा में दिया. उन्होंने विलुप्त होते जा रहे उत्तराखंड के त्यौहारों की छाप के बारे में उत्तराखंड की जनता को संदेश दिया. साथ ही रमेश भट्ट ने उत्तराखंड के लोक पर्व घुघुतीया त्यौहार के बारे में, घुघुतीया त्यौहार मनाने के पीछे के कारणों के बारे में बताया और साथ ही आज के समय में अपनी संस्कृति औऱ त्यौहारों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने के साथ आगे बढ़ाने की अपील प्रदेशवासियों से की.

रमेश भट्ट ने उत्तराखंड की संस्कृति और लोक पर्वों को बचाने के लिए दिया संदेश

सच में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार ने उत्तराखंड की संस्कृति और लोक पर्वों को बचाने के लिए औऱ छाप छोड़ने के लिए बहुत ही उम्दा संदेश जनता को दिया है. इससे पहले भी उन्होंने खास अंदाज में देश की जनता को उत्तराखंड आने का न्यौता दिया था. जिसमें उन्होंने उत्तराखंड की खूबियों को देश भर की जनता के सामने रखी थी.

उत्तराखंड के लोग दिवाली-होली जैसे त्यौहारों के जश्न में डूब जाते हैं लेकिन

आपको बता दें घुघुतीया उत्तराखंड का लोक पर्व है जो की आज विलुप्त होता जा रहा…उत्तराखंड के लोग दिवाली-होली जैसे त्यौहारों के जश्न में डूब जाते हैं और अपने कल्चर और पर्वों को भूलते जा रहे हैं जिन्हें बचाने के लिए सीेएम के मीडिया सलाहकार ने प्रदेशवासियों को अच्छा संदेश दिया.





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