रविवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने दिल्ली में कहा कि उनके इस बयान को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है कि कांग्रेस अगर अपने घोषणा-पत्र में राम मंदिर निर्माण को शामिल कर ले तो उनका संगठन कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में समर्थन देने पर विचार कर सकता है.

उनके इस कथित बयान पर विवाद पैदा होने के बाद कुमार ने मीडिया से कहा, “यह और कुछ नहीं, बल्कि मेरे बयान को खींचकर बढ़ा देना है. न तो हम कांग्रेस को समर्थन देने पर विचार कर रहे हैं और न ही भविष्य में ऐसा करेंगे.”

विहिप नेता ने यह भी कहा कि इस बात के आसार बहुत कम हैं कि मौजूदा संसद के कार्यकाल में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए कोई कानून बनाया जा सकेगा.

कहा जा रहा है कि कुमार ने शनिवार को प्रयागराज में कहा था कि अगर कांग्रेस अपने चुनाव घोषणा-पत्र में राम मंदिर निर्माण को शामिल कर ले तो विहिप उसे समर्थन देने पर विचार कर सकती है.

अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए कुमार ने कहा कि विहिप राम मंदिर मुद्दे पर एक ‘व्यापक राजनैतिक सहमति’ चाहती है.

उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि सभी राजनैतिक दल इस मुद्दे का समर्थन करें. जो कोई भी समर्थन करेगा, हम उसका स्वागत करेंगे. लेकिन, इसका अर्थ यह नहीं है कि विहिप चुनाव में किसी राजनैतिक दल को समर्थन देगी.”





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