शुक्रवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि केंद्र सरकार को तुमाकुरु सिद्दगंगा मठ के प्रमुख 111 वर्षीय शिवकुमार स्वामी को भारत रत्न से सम्मानित करना चाहिए. कुमारस्वामी ने यहां मीडिया से कहा, “मैंने 2006 में स्वामी को उनके अच्छे काम के लिए भारत रत्न देने की सिफारिश की थी. यदि जरूरी हुआ तो हम इस सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे.”

अधिक आयु के कारण उम्र संबंधी बीमारियों के चलते स्वामी का इलाज वर्तमान में बेंगलुरु के उत्तर-पश्चिम से लगभग 70 किलोमीटर दूर तुमाकुरु के सिद्दगंगा मठ में किया जा रहा है.

अनुयायियों के बीच 12वीं शताब्दी के समाज सुधारक बसावा के अवतार के रूप में लोकप्रिय शिवकुमार स्वामी सिद्दगंगा एजुकेशन सोसाइटी के प्रमुख भी हैं, जो राज्य में लगभग 125 शैक्षणिक संस्थानों, इंजीनियरिंग कॉलेजों से लेकर बिजनेस स्कूलों तक का संचालन करता है.

कुमारस्वामी ने कहा कि उन्होंने 13 साल पहले सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार के लिए स्वामी के नाम की सिफारिश केंद्र सरकार से की थी. उस समय वह जनता दल-सेक्युलर (जेडी-एस)-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन की सरकार में मुख्यमंत्री थे.

भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष बी.एस. येदियुरप्पा ने भी कहा कि पार्टी प्रधानमंत्री से अनुरोध करेगी कि वह श्विकुमार स्वामी को यह सम्मान प्रदान करें.

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया था, “परम पावन शिवकुमार स्वामी एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व हैं और उन्होंने अपनी उत्कृष्ट सेवा के माध्यम से करोड़ों लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है. पूरा देश उनके शीघ्र स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहा है.”

मठ के प्रमुख के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करने के लिए तुमाकुरु मठ के बाहर हजारों अनुयायी और छात्र एकत्रित हैं.





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